नियम तोड़ने वालों को पुलिस की सख्त चेतावनी
न्यायालय के आदेशों का अनुपालन
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। नैनीताल जनपद में ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती करते हुए पुलिस ने सोमवार को मंदिरों, गुरुद्वारों और मस्जिदों समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर लगे उच्च तीव्रता वाले लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र उतरवाकर मौके पर ही सीज कर दिए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय तथा पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड, देहरादून द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर पूरे जनपद में उच्च तीव्रता वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिरों और मस्जिदों सहित सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से नियमों का पालन कराया जा रहा है। अभियान के दौरान जहां भी निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन पाया गया, वहां लगे लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और अन्य उपकरण तत्काल हटाकर सीज कर दिए गए।
धार्मिक स्थलों से लेकर साइलेंट जोन तक हुई सघन जांच
अभियान के तहत धार्मिक स्थलों के अलावा सार्वजनिक स्थानों, आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा साइलेंट जोन में भी व्यापक स्तर पर जांच की गई। प्रत्येक स्थान पर यह सुनिश्चित किया गया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न्यायालयों और शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो। नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई।
ध्वनि प्रदूषण रोकने के साथ लोगों को भी किया गया जागरूक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ध्वनि प्रदूषण केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य, शांति और पर्यावरण से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसी उद्देश्य से अभियान के दौरान संबंधित व्यक्तियों, धार्मिक संस्थाओं और अन्य प्रतिष्ठानों को ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों, न्यायालयों के आदेशों तथा शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया गया।
नियम तोड़े तो होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई
नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सक्षम अनुमति अथवा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक तीव्रता पर लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने वालों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर तथा जनपद के सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालयों के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
क्या बोली जनता !
इस कार्रवाई को लेकर सीएनई ने शहर के विभिन्न इलाकों में आम नागरिकों से बातचीत की। अधिकांश लोगों ने नैनीताल पुलिस के अभियान का स्वागत करते हुए इसे जनहित और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उठाया गया आवश्यक कदम बताया।
लोगों का कहना था कि धर्म का उद्देश्य शांति, सद्भाव और आस्था है, न कि ध्वनि प्रदूषण फैलाना। चाहे मंदिर में पूजा-अर्चना हो, मस्जिद में इबादत, गुरुद्वारे में कीर्तन या किसी अन्य धार्मिक स्थल पर प्रार्थना—सभी धार्मिक गतिविधियां मर्यादा और निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही होनी चाहिए।
कई लोगों ने कहा कि तेज आवाज़ वाले लाउडस्पीकरों से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों, मरीजों और कामकाजी लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में न्यायालय और शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
नागरिकों ने यह भी कहा कि आस्था का सम्मान आवश्यक है, लेकिन दूसरों की शांति और सुविधा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पूजा-पाठ, इबादत या धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में हों, ताकि किसी भी समुदाय या आमजन को असुविधा न हो। अधिकांश लोगों ने उम्मीद जताई कि पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा।



