सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने इस मंगलवार को भी अल्मोड़ा में गांधी पार्क में धरना दिया। धरने के दौरान प्राधिकरण को समाप्त नहीं करने के लिए सरकार को जमकर कोसा और उसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया।
धरना स्थल पर हुई सभा में सर्वदलीय संघर्ष समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक ने कहा कि नवम्बर 2017 में प्रदेश सरकार ने तुगलकी फरमान से पर्वतीय अंचल सहित पूरे प्रदेश में जनविरोधी जिला विकास प्राधिकरण को लागू कर दिया। जिसका पिछले तीन वर्षों से समिति लगातार विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से जनता बेहद त्रस्त है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति एवं बसासत को देखते हुए यहां प्राधिकरण का लागू किया जाना औचित्यहीन है। प्राधिकरण लागू होने से जहां एक ओर लोगों को अपने भवन निर्माण के नक्शे स्वीकृत कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है, वही दूसरी ओर प्राधिकरण के भारी भरकम शुल्क को भी झेलना पढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से नगरपालिकाओं को आर्थिक नुकसान हो रहा है। श्री कर्नाटक ने कहा कि प्रदेश सरकार को जनहित में अविलम्ब इस जनविरोधी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त करना चाहिए।चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार ने जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त नहीं किया, तो समिति चरणबद्व तरीके से आन्दोलन को बाध्य होगी। सभा की अध्यक्षता पीसीसी सदस्य हर्ष कनवाल तथा संचालन कांंग्रेस जिला सचिव दीपांशु पाण्डेय ने किया। धरने में पूरन सिंह मेहरा, चन्द्रमणी भट्ट, पीएस बोरा, वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी, सभासदन हेम तिवारी, अंबी राम, महेश चन्द्र आर्या, ललित मोहन पन्त, प्रताप सत्याल, अख्तर हुसैन, राजू गिरी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
अल्मोड़ा न्यूज: डीडीए के खिलाफ उठी आवाज, धरना व नारेबाजी के जरिये सरकार को चेताया
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