वाह भरत और मेघ: भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने बागेश्वर जिले के दो लाल, नाम रोशन करने से परिजन गदगद और गृह क्षेत्र में दौड़ी खुशी की लहर

दीपक पाठक, बागेश्वर
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड के बाद बागेश्वर जिले के दो होनहार लाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इनमें कपकोट के भरत फर्स्वाण और कौसानी क्षेत्र के सीमागांव निवासी मेघ पंत शामिल हैं। दोनों के ही परिजन बेहद गदगद हैं और पूरे गृह क्षेत्र में खुशी की लहर है।

कपकोट के भरत फर्स्वाण सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से उनके गृह क्षेत्र में खुशी की लहर फैली है। हो भी क्यों नहीं, शुरू में गरीबी में पले—बढ़े भरत ने अपने परिवार के साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस बार कोरोना महामारी के कारण इस पासिंग आउट परेड में अभिभावक हिस्सा नहीं ले सके। भरत ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता हरीश फर्स्वाण, माता पार्वती देवी तथा अध्यापकों को देते हैं। दो भाइयों व एक बहन में भरत सबसे छोटे हैं। उनके पिता हरीश फर्स्वाण कपकोट में छोटा रेस्टोरेंट चलाते हैं। माताजी कुशल गृहणी हैं। बड़ा भाई दीपक होटल मैनेजमेंट करके नोएडा में किसी होटल में कार्यरत है। बहन दीपा नर्स है।
गरीबी में पले-बड़े भरत की प्राथमिक शिक्षा मां ठाकुरेर शिशु लीला कपकोट में हुई। कक्षा 6 से 12 तक सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में पढ़ाई की। कक्षा दस में 90 प्रतिशत व 12वीं कक्षा 74 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण की। 12वीं पास करते ही 2017 पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा भी पास कर ली। 2017 से 2020 तक इलाहाबाद डिफेंस अकादेमी में ट्रेनिंग की और अंतिम एक साल आइएमए देहरादून में प्रशिक्षण लिया।
सीमा गांव के मेघ की उपलब्धि
जिले गरुड़ विकासखण्ड अंतर्गत कत्यूरघाटी के सीमा गांव (कौसानी) निवासी मेघ पंत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। वे शनिवार को आईएमए देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड में भारतीय सेना के अंग बने। मेघ के लेफ्टिनेंट बनने पर उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है। मेघ अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं। उनके पिता भाष्कर चंद्र पंत भी आर्मी मेडिकल कोर से रिटायर्ड हैं जबकि माता ममता आर्मी स्कूल में अध्यापिका रह चुकी हैं। मेघ की बहन मेघना एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है।
मेघ के दादा व परदादा पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मेघ की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल पुणे और बारहवीं तक की शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल धौलाकुंआ, दिल्ली से हुई। बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका चयन एनडीए खड़ंगवासला, पुणे में हुआ।मेघ बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि व बहुत परिश्रमी रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें गिटार बजाना व पेंटिंग करने का बहुत शौक है। मेघ ने अफसर बनने के लिए चार साल कड़ी मेहनत की। मेघ ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार व गुरुजनों को दिया है। मेघ की इस उपलब्धि पर गांव के सरपंच व वृक्षप्रेमी दिनेश लोहनी, ग्राम प्रधान हेमा पंत, ख्याली राम लोहनी, पूरन चंद्र लोहनी, दीप चंद्र लोहनी, हरीश पंत, भुवन पंत, पूरन चंद्र पंत आदि ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।
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