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अल्मोड़ा: न ‘एनपीएस’ और न ही ‘यूपीएस’, हमें चाहिए सिर्फ ‘ओपीएस’

✍️ जिले में फार्मासिस्टों का बाहों में काली पट्टी बांधकर विरोध शुरु
✍️ बागेश्वर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/बागेश्वर: एनएमओपीएस के आह्वान एवं अपने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर आज से अल्मोड़ा जिले में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने पेंशन के लिए सरकार की नई योजना ‘यूपीएस’ का विरोध शुरु कर दिया। उन्होंने बांहों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया। यह विरोध कार्यक्रम 6 सितंबर तक चलेगा। विरोध के साथ ‘ओपीएस’ लागू करने की मांग की।

जनपद में कार्यरत फार्मासिस्टों ने अपने—अपने कार्यस्थल पर तैनात रहकर बांहों में काली पट्टी बांधी और यूपीएस का विरोध करते हुए ओपीएस की मांग दोहराई। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीके जोशी ने बताया कि यह विरोध कार्यक्रम 6 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद उच्च स्तर से प्रस्तवित सभी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को जिले में सफल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को न ‘एनपीएस’ चाहिए और न ही ‘यूपीएस’। उनकी दरकार ‘ओपीएस’ ही है। श्री जोशी ने बताया कि एनएमओपीएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आगामी 15 सितंबर को दिल्ली में बैठक होनी तय है, जिसमें भावी आंदोलनात्मक चरणों की रुपरेखा तय की जानी है और 26 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर एनपीएस व यूपीएस के विरोध में प्रदर्शन होना है, जिसमें अल्मोड़ा जिले में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन सक्रियता से हिस्सा लेगा। आज अपने—अपने कार्यस्थलों पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीके जोशी, जसकोट में कार्यरत कैलाश पपने, लमगड़ा में आनंद पाटनी, चनोदा में बीसी वर्मा, सीएचसी लमगड़ा में लैब टेक्निशियन आनंद सिंह, स्टाफ नर्स चंपा, एएनएम दीपिका राना समेत जिला, बेस व महिला समेत अन्य चिकित्सालयों में कार्यरत फार्मासिस्टों ने बाह में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया।
बागेश्वर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन

बागेश्वर। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर कर्मचारियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि वह अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें आश्वासनों का झुनझुना थमा रही है। जब तक उनकी मांगों को अमली जामा नहीं पहनाया जाता तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। आंदोलन की धार तेज करते रहेंगे।
पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के बैनर तले कर्मचारियेां ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र पालनी ने कहा कि छह सितंबर तक उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। महामंत्री कृष्ण कुमार पांडे ने कहा कि पुरानी पेंशन में उनका हित सुरक्षित है, जबकि नई पेंशन योजना उनके हित में कतई नहीं है। इसके विरोध में वह लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं। आगे भी करते रहेंगे। जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती वह चुप नहीं रहेंगे। इस दौरान हिमाशु प्रताप, धरम सिंह कोरंगा, राजू कोरंगा, आदि मौजूद थे।

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