पिंजरे में कैद हुआ दहशत का पर्याय बन चुका तेंदुआ, पता चली एक बड़ी बात

Leopard imprisoned in cage
Almora : क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का पर्याय बन चुका तेंदुआ (गुलदार) वन विभाग द्वारा लगाये गये पिंजरे में कैद हो गया है। आज बुधवार सुबह करीब 11 बजे गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी मिलते ही तबाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, सूचना मिलने पर वन विभाग के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गये। तेंदुए का निरीक्षण करने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को कई अन्य अहम जानकारियां भी हासिल हुई।

उल्लेखनीय है कि ग्राम सरना व रैंगल के बीच में तीन-चार दिन पूर्व वन विभाग द्वारा एक पिंजरा लगाया गया था। आज सुबह करीब 11 बजे वहां से गुजर रहे लोगों ने पिंजरे में तेंदुए को बंद पाया। जिसके बाद हल्ला मच गया। बताया जा रहा है कि प्राथमिक पाठशाला रैंगल में कार्यरत एक शिक्षिका ने इसकी सूचना सर्वप्रथम अन्य लोगों को दी। उन्हें एक गधेरे में जब गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी तब उन्हें मालूम चला कि गुलदार पिंजरे में कैद है।
इधर मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुलदार के आगे के दांत टूटे हैं। यह गुलदार इंसानों के लिए भी खतरा था। चूंकि दांत टूटने पर अकसर गुलदार आसान शिकार की तलाश में जुट जाते हैं। अंग भंग होने या घायल होने पर गुलदार अकसर इंसानों को अपना शिकार बनाने लगते हैं। यह गुलदार यदि पकड़ा नहीं जाता तो भविष्य में एक बड़ा खतरा बन सकता था।
बताया जा रहा है कि इस तेंदुए का इलाके में काफी आतंक था। नैनीताल व अल्मोड़ा के सीमावर्ती ग्रामों में इसकी नित्य की आवाजाही थी। विभाग ने गत 21 अप्रैल को कोट के गधेरे के पास यह पिंजरा लगाया था। इधर वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने बताया कि गुलदार की अनुमानित आयु 7 से 8 साल के बीच की है। यह इससे पूर्व एक बाइक पर भी झपटा था। गुलदार को रैस्क्यू सैंटर भेज दिया गया है। इस मौके पर डिप्टी रेजर मोहन राम आर्य सहित वन विभाग के कई कार्मिक मौजूद रहे। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल गुरूरानी ने कहा कि इस इलाके में कई गुलदार हैं। अन्य तेंदुओं को भी पकड़ने की कार्रवाई होनी चाहिए।