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कुत्ते के काटने से महज 27 साल के रियल एस्टेट कारोबारी की मौत

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एंटी-रैबीज के दो इंजेक्शन देने के बावजूद नहीं बची जान

सीएनई रिपोर्टर, लखनऊ। व्यापार के सिलसिले में गांव से शहर आए रियल एस्टेट कारोबारी की कुत्ते के काटने से दर्दनाक मौत हो गई है।

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दरअसल, गोमती नगर विस्तार में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां 27 वर्षीय युवक की कुत्ते के काटने के 10 दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक पटना के रहने वाले मिथुन सिंह थे, जो रियल एस्टेट के काम से लखनऊ आए थे।

घटनाक्रम के अनुसार कुछ दिन पूर्व मिथुन सिंह अपने काम के सिलसिले में लखनऊ स्थित सुलभ आवास सेक्टर 1 में अपने परिचित से मिलने आए थे। इस दौरान जैसे ही वो अंदर घुसे तभी गली में घूम रहे आवारा कुत्ते ने उन्हें काट लिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें एंटी-रैबीज के दो इंजेक्शन दिए गए। फिर भी उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Stray Dogs
Stray Dogs

डरे हुए हैं इलाके के लोग

इस घटना के बाद सुलभ आवास और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। सुलभ आवास समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र पालीवाल ने बताया कि आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को बाहर भेजने में डर लगने लगा है। कुत्तों के हमले की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कई बार इसको लेकर शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत करने पर भी नहीं होती कार्रवाई

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अभियान नहीं चलाया गया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते, तो मिथुन सिंह की जान बचाई जा सकती थी।

प्रश्न : कुत्ते के काटने पर क्या करें ?

उत्तर : कुत्ते के काटने पर, तुरंत प्राथमिक उपचार करना महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें। फिर, घाव को साफ कपड़े से ढककर डॉक्टर से संपर्क करें। यदि कुत्ता पागल है या रेबीज से संक्रमित होने का संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और रेबीज का टीका लगवाएं।

प्राथमिक उपचार:

घाव को धोना:
घाव को कम से कम 5-10 मिनट तक बहते पानी और साबुन से धोएं।

खून बहना रोकना:
यदि खून बह रहा है, तो घाव पर साफ कपड़े से दबाव डालें।

पट्टी बांधना:
घाव को साफ कपड़े या पट्टी से ढक दें।

डॉक्टर से संपर्क:
गहरे घाव, चेहरे या गर्दन पर काटने, या यदि आपको रेबीज का खतरा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

रेबीज का टीका:
यदि कुत्ता पागल है या रेबीज से संक्रमित होने का संदेह है, तो रेबीज का टीका लगवाना आवश्यक है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें:

कुत्ते की पहचान:
यदि संभव हो, तो कुत्ते की पहचान करने की कोशिश करें, खासकर यदि वह आवारा कुत्ता है।

पशु चिकित्सालय:
यदि कुत्ता आपका पालतू है, तो उसे पशु चिकित्सालय ले जाएं।

संक्रमण के लक्षण:
घाव के आसपास संक्रमण के लक्षणों (जैसे लालिमा, सूजन, दर्द, बुखार) पर नज़र रखें और यदि ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

घरेलू उपचार:
कुछ घरेलू उपचार जैसे शहद और प्याज का रस घाव को ठीक करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इनका उपयोग न करें।

ध्यान रखें कि रेबीज एक घातक बीमारी है, इसलिए कुत्ते के काटने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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