HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: मौत के मुहाने से सुरक्षित लौटी 'गौमाता'

अल्मोड़ा: मौत के मुहाने से सुरक्षित लौटी ‘गौमाता’

5 घंटे तक संकरी गली में चला रेस्क्यू

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में बीती रात मानवता और तत्परता की एक सुखद तस्वीर देखने को मिली। नगर के कुर्मांचल स्कूल के पास एक संकरी गली में फंसी गाय को प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षित बचा लिया गया। करीब 5 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन ने देर रात तक पूरे इलाके की धड़कनें तेज कर दी थीं।

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घटना बीती रात लगभग 9 बजे की है, जब कुर्मांचल स्कूल के समीप एक भवन की बेहद संकरी गली में एक गाय अचानक गिर गई। गली इतनी तंग थी कि गाय का हिलना-डुलना भी दूभर हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पार्षद अमित साह मोनू बिना देरी किए मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर सर्विस, नगर निगम और आपदा कंट्रोल रूम को अलर्ट किया।

संसाधनों की कमी बनी बाधा

शुरुआत में नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जगह कम होने और भारी मशीनरी न पहुंच पाने के कारण रेस्क्यू में बाधा आने लगी। गाय की बिगड़ती हालत देख पार्षद मोनू ने सीधे जिलाधिकारी अल्मोड़ा, अंशुल सिंह से संपर्क किया। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।

“संकरी गली होने के कारण रेस्क्यू बेहद जोखिम भरा था, लेकिन प्रशासन और टीम के जज्बे ने हार नहीं मानी।” — स्थानीय निवासी

आधी रात का रेस्क्यू: रात 2 बजे मिली सफलता

जिलाधिकारी के निर्देश पर रात करीब 12 बजे आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, फायर सर्विस की टीम और सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण भंडारी दलबल के साथ मोर्चे पर डट गए।

  • संयुक्त प्रयास: आपदा प्रबंधन, फायर ब्रिगेड और नगर निगम के कर्मचारियों ने स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर रणनीति बनाई।
  • निगरानी: पार्षद अमित साह मोनू पूरी कार्यवाही के दौरान मौके पर मौजूद रहे और टीम का मनोबल बढ़ाते रहे।
  • परिणाम: आखिरकार रात के 2 बजे, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

प्रशासन की मुस्तैदी की चारों ओर प्रशंसा

रेस्क्यू सफल होने के बाद पार्षद अमित साह मोनू ने जिलाधिकारी अंशुल सिंह और संबंधित विभागों का आभार व्यक्त किया। वहीं, नगरवासियों ने भी प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि समय पर सक्रिय न होते, तो एक बेजुबान की जान बचाना मुश्किल था।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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