ALMORA NEWS: मानसून सत्र को लेकर विभागों को किया सजग, डीएम भदौरिया ने बैठक में दिए जरूरी निर्देश, बोले— बिना अनुमति छुट्टी नहीं जाएंगे और कार्य में लापरवाही हुई, कार्रवाई होगी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट में मानसून के दृष्टिगत विभिन्न जरूरी पूर्व तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के लिए विभागों का सजग किया। इसी संबंध में आज उन्होंने वर्चुअल माध्यम से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन आफ नहीं रखेंगे और बिना अनुमति छुट्टी नहीं जाएंगे। साथ ही चेताया कि अपने कार्य में लापरवाही की, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने आपदा से जुड़े विभागों को निर्देश दिये कि मानसून के दृष्टिगत आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तैयारियां व व्यवस्थाएं कर लें। उन्होंने कहा कि आपदा संबंधी किसी प्रकार की घटना घटित होने पर कम समय में राहत एवं बचाव कार्य किया जाय। इसमें किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी तहसील मुख्यालयों में संचालित आपदा कंट्रोल रूम पर पैनी नजर रखी जाय और उपकरणों को चाक चौबंद रख इनके संचालन के लिए कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाय। उन्होंने क्षतिग्रस्त कार्यो व योजनाओं की कार्ययोजना के प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने लोनिवि और एनएच के सभी अधिकारियों को 01 जून से पहले सड़कों की नालियों एवं कलमठों की सफाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि भू-स्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीन तैनात कर लें, ताकि आपदा के वक्त तत्काल अवरूद्ध मोटरमार्ग यातायात के लिए सुचारू हो सकें। उन्होंने कहा कि आपदा के दृष्टिगत हैलीपैड के लिए स्थान भी चिन्हित किये जाएं। जनपद में पेयजल आपूर्ति आदि के संबंध में समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों को तत्परता के साथ ठीक किया जाय तथा पेयजल टेंकों की नियमित रूप से सफाई की जाय।
उन्होंने जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता बनाये रखने को कहा और यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग अवरूद्ध हों, उन क्षेत्रों में स्थानीय दुकानदारों के माध्यम से क्षेत्र में खाद्यान्न की आपूर्ति का उचित प्रबंधन किया जाय तथा डीजल व पेट्रोल की निरंतर उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अत्यधिक वर्षा के कारण नदी का जल स्तर बढने पर नदी किनारे रह रहे लोंगो को तत्काल अलर्ट किया जाय। विद्युत विभाग को निर्देश दिये कि विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होनी पाए, ऐसी व्यवस्था हो। झूलते तारों को तत्काल ठीक किया जाए और विद्युत लाइनों के सटे पेड़ों की लॉपिंग की जाए। उन्होंने स्वास्थ विभाग एवं पशुपालन विभाग को आवश्यक दवा का स्टाक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निरंतर नगर क्षेत्र में फॉगिंग एवं चूने का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण व आपदा के दौरान कोई भी अधिकारी अपने मोबाईल फोन को बंद नहीं रखेंगे एवं कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के अवकाश पर नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अपने कार्य में लापरवाही बरती जाती है, तो उनके विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सविता हयांकि, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी के अलावा आईआरएस से सम्बन्धित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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