रामनगर न्यूज़ : स्पष्ट गाइडलाइन न होने से लोगों को हो रही परेशानी : उपपा
रामनगर। कोविड-19 की गाइडलाइन एवं स्थानीय स्तर पर उसके क्रियान्वयन को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष, राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी की अगुवाई में उप जिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ला से उनके कार्यालय में मिला तथा वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी से टेस्टिंग, कंटेनमेंट जोन बनाने एवं बाहर के प्रदेशों से आ रहे लोगों के संबंध में जारी निर्देशों व क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी को अवगत कराया कि स्थानीय स्तर पर नियमों एवं क्रियान्वयन को लेकर स्पष्टता ना होने के कारण गलतफहमी हो जाने के कारण गलतफहमियां पैदा हो रही है।
जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से बिंदुवार वार्ता की
1-जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सैंपल लेने की तिथि से संक्रमित मरीज को 10 दिन तक कोविड केयर सेंटर में रहना होगा इससे पूर्व सैंपल पॉजिटिव आने के दिन से दिनों की गणना की जा रही थी। इस संबंध में उप जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही।
2-उप जिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ला ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि शासन के निर्देशानुसार जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर होम आइसोलेशन की सुविधा भी दी जा रही है, इसके लिए मरीज के पास मानकों के अनुसार व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।
3-उप जिलाधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि कंटेनमेंट जोन बनाने का उद्देश्य संक्रमण को फैलने से रोकना है तथा उस क्षेत्र के लोगों की जान को एवं परेशानी को बचाना है। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित क्षेत्र के लोग ज्यादा से ज्यादा अपनी जांच कराएं। इसके साथ ही अन्य लोगों को जांच रिपोर्ट न आने तक उस क्षेत्र में ना जाने तथा वहां के लोगों से दूरी बनाये रखना है, इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है।
4-चौथे बिंदु पर उप जिलाधिकारी ने राज्य से बाहर के उन लोगों को राज्य में प्रवेश करने पर राज्य की सीमा पर ही जांच करानी होगी जो सरकार द्वारा घोषित 40 हॉटस्पॉट शहर एवं राज्य से संबंध रखते हैं। बाकी अन्य लोगों को अपने डेस्टिनेशन में जाकर जांच करानी होगी।
वार्ता में के आखिरी बिंदु में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी लोगों से शासन प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों यथा मास्क पहनना, शारीरिक दूरी का ख्याल रखना, समय-समय पर हाथ धोना, बुखार, खांसी आने पर जांच कराना तथा आपसी सहयोग कर इस महामारी पर विजय पाना है। प्रतिनिधिमंडल में देव भूमि विकास मंच के संयोजक मनमोहन अग्रवाल, उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता राज्य आंदोलनकारी इंद्र सिंह मनराल, लालमणि किरण आर्य व प्रभात ध्यानी थे।