➤ कपकोट में आंदोलनकारियों की बैठक में इस बात जताया आक्रोश

सीएनई रिपोर्टर, कपकोट (बागेश्वर): जिले के 352 चिह्नित आंदोलनकारियों को आज तक प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र नहीं मिले। यह कहना है कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन क़ी ब्लाक इकाई कपकोट का। संगठन की बैठक में इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी जताई गई और जल्द यह मांग पूरी नहीं होने की दशा में आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी गई। यहां तक आने वाले चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली।
लोनिवि डाक बंगले में वरिष्ठ आंदोलनकारी डा. शेर सिंह ऐठानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने पृथक राज्य निर्माण का लंबा अंतराल बीतने क़े बावजूद जिले क़े चिन्हित 352 आंदोलनकारियों को आज तक पहचान औऱ प्रमाण पत्र नहीं मिल सके हैं। ऊधमसिंहनगर औऱ देहरादून जैसे जिलों में कई ऐसे लोगों को मिलीभगत क़े चलते पहचान औऱ प्रमाण पत्र दे दिए हैं, जिनका दूर दूर तक आंदोलन से कोई वास्ता नहीं था। प्रशासन ने जिले में विभिन्न माध्यमों से जांच कराकर आंदोलनकारियों को चिह्नित किया, लेकिन उन्हें आज तक प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। शासन भी उनके साथ नाइंसाफी कर रहा है। एक ओर शासन ने चिन्हांकन क़े लिए छह माह का समय दिया इसमें अब दो माह का समय बचा है। आंदोलनकारियों ने इसके तहत वर्ष 2009 से चिन्हित आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने की मांग की प्रशासन ने पहचान पत्र देने क़े बजाय उनक़े आवेदन ही निरस्त कर दिए। मांग पूरी होने की आश लगाए बैठे कई आंदोलनकारी दिवंगत भी हो चुके हैं। अगली बैठक में संगठन का पुनर्गठन होगा।
अंत में आंदोलनकारी चंद्र सिंह कोरंगा क़े कुछ दिन पहले हुए असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया। कोरंगा क़े साथ ही पूर्व में संगठन क़े ब्लॉक अध्यक्ष बिशन गढ़िया, गोविंद गोरिला, प्रकाश ऐठानी, देवकी नंदन पांडे, खुशहाल गढ़िया क़े निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक का संचालन गणेश चंद्र उपाध्याय ने किया। जिसमें दान सिंह ऐठानी, गोविंद बड़ती, ईश्वर सिंह बड़ती, प्रकाश सिंह शाही, भरत गढ़िया, खीम राम टम्टा औऱ मनीष ऐठानी आदि मौजूद रहे।



