» घने जंगल में 7 दिनों की खोज लाई रंग और उम्मीद हुई साकार
» दुर्गम पैदल रास्ते से 5 किमी स्ट्रेचर पर ढोकर लाए SDRF के जवान

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिलांतर्गत एक 28 वर्षीय युवती सातवें रोज दूर घने जंगल में घायलावस्था में मिली। जिसे एसडीआरएफ की सर्च टीम स्ट्रेचर के सहारे करीब 5 किमी दुर्गम पैदल रास्ते से मुख्य सड़क तक लाए और अस्पताल पहुंचाया। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही यह युवती पहली जुलाई को बिना बताए घर से कहीं चले गई थी। एसडीआरएफ व पुलिस की संयुक्त सर्च टीम की विषम परिस्थितियों में लगातार ढूंढखोज का अभियान सातवें दिन रंग लाया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सर्च अभियान टीम को शाबासी दी। मामला रानीखेत कोतवाली क्षेत्र का है।
01 को लापता, 03 को तहरीर, 07 को सफलता

मिली जानकारी के अनुसार युवती 1 जुलाई 2026 की शाम घर से बिना बताए कहीं निकली, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर खोजा, किंतु कहीं कोई पता नहीं चला। 03 जुलाई 2026 को रानीखेत निवासी गिरीश पुजारी ने कोतवाली रानीखेत में सूचना दी गई कि उनकी 28 वर्षीय पुत्री, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है, 01 जुलाई 2026 की शाम को बिना बताए घर से कहीं निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। इस पर कोतवाली रानीखेत में गुमशुदगी दर्ज हुई। इसके बाद 4 जुलाई 2026 को जिला नियंत्रण कक्ष अल्मोड़ा से प्राप्त सूचना पर सेनानायक एसडीआरएफ के निर्देशन में टीम को खोज एवं बचाव अभियान के लिए निकली। एसडीआरएफ टीम ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल, बूबूधाम सहित आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार सघन सर्च अभियान चलाया। वर्षा के साथ दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में घने जंगलों में सर्च अभियान जारी रखा। सर्च टीम में बेहतर समन्वय के साथ अथक प्रयास रंग लाए और 7 जुलाई 2026 को अपराह्न लगभग 4:30 बजे युवती सुंदरखाल गांव से लगभग 04 किलोमीटर दूर घने जंगल में घायलावस्था में मिली। इस टीम ने उसे प्राथमिक उपचार मौके पर ही दिया और इसके बाद दुर्गम पैदल मार्ग से स्ट्रेचर की सहायता से लगभग पांच किलोमीटर दूर सड़क तक लाया गया। जहां से एम्बुलेंस से उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया।
परिजनों की आंखें भर आईं, डीएम ने दी शाबासी

पुलिस टीम, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड तथा वन विभाग की संयुक्त टीमों के आपसी समन्वय से सफल सर्च अभियान चला। पुलिस ने संभावित क्षेत्र के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। युवती के सकुशल रेस्क्यू पर परिजनों को सौंपा और बेटी को पाकर परेशान परिजनों की खुशी से आंखें भर आई। परिजनों ने सर्च टीमों का आभार व्यक्त किया और उनके साहस, समर्पण एवं त्वरित कार्रवाई की सराहना की। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी टीम के उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की है। रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के उप निरीक्षक पंकज डंगवाल, हेड कांस्टेबल आशीष रावत, आरक्षी बालम सिंह, होमगार्ड धीरज भारती, होमगार्ड राजेंद्र गिरी, टीसी पवन नेगी तथा डीआर कुलदीप सिंह आदि शामिल रहे।



