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अल्मोड़ा: ‘मम्मी-पापा हमें मत ढूंढना’ लिखकर घर छोड़ चल दिए तीन नाबालिग बालक

✍️ परिजन हो उठे परेशान, खूब ढूंढने पर नहीं मिले, तो पुलिस को दी इत्तला
✍️ पुलिस टीम ने गहन खोजबीन की, तो जंगल से बरामद हुए बच्चे

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: एक ही गांव के तीन नाबालिक बालकों ने नोट लिखकर घर में छोड़ा कि ‘मम्मी—पापा हमें मत ढूंढना, हम नौकरी की तलाश में जा रहे हैं’। इसके बाद तीनों चुपचाप चल दिए। इसके बाद परिजनों के हाथ—पांव फूल गए। उन्होंने उनकी तलाश की, मगर मिले नहीं। अंतत: पुलिस को इत्तला की। पुलिस टीम ने यत्र—तत्र तलाशा, तो ढूंढखोज के काफी प्रयासों के बाद यह तीनों नाबालिग जंगल में मिले।

आज प्रातः डायल नंबर 112 के जरिये से थाना धौलछीना पुलिस को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के क्रमशः 12 वर्ष 14 वर्ष, 15 वर्ष के तीन नाबालिग बालक घर से नाराज होकर कहीं चले गए हैं और काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल पा रहे हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष धौलछीना विजय सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुमशुदा बालकों की तलाश शुरु की। पुलिस टीम ने उनके बारे में आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और थाना क्षेत्र के जंगलों में उनकी तलाश की। अथक प्रयास से तीनों नाबालिग बालक रेतीधार जंगल में मिले, जिन्हें सकुशल बरामद कर लिया। ये तीनों बालक एक ही गांव के निवासी है। किसी बात पर परिजनों से नाराज होकर घर से चले गए। इतना ही नहीं घर छोड़ने से पूर्व एक नोट लिखकर गये थे कि ‘मम्मी–पापा हमें मत ढूंढना, हम नौकरी की तलाश में जा रहे हैं।’ इस नोट के मिलने से बच्चों के परिजन काफी परेशान हो उठे, लेकिन बाद में उनके सकुशल मिल जाने से उनकी परेशानी खुशी में बदल गई। पुलिस ने तीनों नाबालिगों व उनके परिजनों की थाने पर काउंसिलिंग कराई, तत्पश्चात बालकों को परिजनों के सुपुर्द किया गय़ा। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्यवाही की सराहना कर आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह नेगी, कुन्दन लाल व कांस्टेबल धनी राम शामिल रहे।

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