HomeBreaking Newsविपक्ष का 'महापाप' नारी शक्ति को अब मंजूर नहीं: धामी

विपक्ष का ‘महापाप’ नारी शक्ति को अब मंजूर नहीं: धामी

मुख्यमंत्री ने देहरादून की जन आक्रोश रैली में भरी हुंकार

CNE REPORTER, देहरादून: “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मातृशक्ति को उनका हक दिलाने की मुहिम को लोकसभा में विपक्ष ने षड्यंत्रपूर्वक विफल कर देश के साथ महापाप किया है। नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है और इस अन्याय के विरुद्ध विपक्ष को कड़ा जवाब देगी।” यह गर्जना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल ‘महिला जन आक्रोश रैली’ को संबोधित करते हुए की। रैली के बाद मुख्यमंत्री ने हजारों महिलाओं के सैलाब के साथ घंटाघर तक पदयात्रा कर विपक्ष के खिलाफ हुंकार भरी।

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मातृशक्ति के वंदन में विपक्ष बना रोड़ा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर रही थी, तब विपक्ष ने नकारात्मक राजनीति का परिचय दिया।

  • षड्यंत्र का आरोप: मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल संख्या बल के अहंकार में विपक्ष ने इस बिल को रोककर महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
  • सजग नारी शक्ति: उन्होंने चेतावनी दी कि आज की महिला अब अबला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाली शक्ति है।

मोदी सरकार: सशक्तिकरण के स्वर्णिम युग की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि ‘नए भारत का आधार’ बनाया है। उन्होंने गिनाया कि कैसे केंद्र सरकार ने महिलाओं के जीवन को सुगम बनाया:

  • सम्मान की रक्षा: उज्ज्वला योजना से धुएं से मुक्ति और स्वच्छ भारत अभियान से गरिमा प्रदान की।
  • आर्थिक आजादी: जन धन खातों और स्टार्टअप इंडिया के जरिए महिलाओं को बैंकिंग और व्यापार से जोड़ा।
  • ऐतिहासिक निर्णय: ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत कर मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया और निर्मला सीतारमण जैसी विदुषी को देश का वित्त मंत्रालय सौंपकर महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया।

उत्तराखंड में धरातल पर उतरा महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड आज देश में महिला कल्याण का मॉडल बन रहा है।

  • 30% क्षैतिज आरक्षण: सरकारी नौकरियों में महिलाओं का अधिकार सुरक्षित किया गया।
  • समान नागरिक संहिता (UCC): प्रदेश की हर बेटी और महिला को सुरक्षा और समान अधिकार देने वाला कानून लागू किया।
  • लखपति दीदी का संकल्प: मुख्यमंत्री ने गर्व से साझा किया कि प्रदेश में 2 लाख 65 हजार से ज्यादा बहनें ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं।

पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

रैली के दौरान परेड ग्राउंड से घंटाघर तक का मार्ग ‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, रुचि भट्ट, दीप्ति रावत और नेहा जोशी सहित भारी संख्या में महिला पदाधिकारी और मातृशक्ति उपस्थित रही। मुख्यमंत्री ने इस जन आक्रोश को विपक्ष के पतन की शुरुआत बताया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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