HomeUttarakhandAlmora'टीबी मुक्त भारत' की अलख: अल्मोड़ा के हवालबाग के मालगांव में शिविर

‘टीबी मुक्त भारत’ की अलख: अल्मोड़ा के हवालबाग के मालगांव में शिविर

★ लक्षण एवं सुविधाओं की जानकारी दी, अभियान में कदम से कदम मिलाने का आह्वान

ADVERTISEMENTSAd

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: शनिवार को वरिष्ठ जिला क्षय रोग अधिकारी डा. प्रांशु डेनियल के निर्देश पर हवालबाग के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रंजन तिवारी के निर्देशन में निकटवर्ती ग्रामसभा मालगांव में स्वास्थ्य शिविर लगा। यह कैंप टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित हुआ। जहां टीबी रोग के प्रति जागरूकता की अलख जगाई गई और कहा कि जागरूक होकर ही समाज टीबी मुक्त हो सकता है।
टीबी के लक्षणों के प्रति किया सजग

यह शिविर ​गोलना करड़िया के जिला पंचायत सदस्य प्रेम लटवाल की मौजूदगी में लगा। लटवाल ने अपने संबोधन में स्थानीय लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि समाज को टीबी मुक्त करना है, इसके लिए सभी को आगे आना होगा और सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अभियान में जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता से अपील की कि वे अभियान से जुड़ें और अभियान को साकार करने में सहयोग दें। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रत्येक ग्रामसभा निःशुल्क पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से सघन टीबी स्क्रीनिंग की जा रही है और सभी को उसका लाभ उठाना चाहिए। इस मौके पर वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक आनन्द सिंह मेहता ने टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि अगर लगातार दो सप्ताह से लम्बी खासी हो, कभी-कभी बलगम में खून आ रहा हो, भूख कम लगती हो, वजन में कमी हो रही हो और रुक-रुक बुखार रहता हो, तो ऐसे लक्षण दिखने पर जरूर अस्पताल आकर निःशुल्क बलगम की जांच करवानी चाहिए। यह लक्षण टीबी से मेल खाते हैं।
गांठ होने पर विशेषज्ञ से लें परामर्श

उन्होंने बताया महिलाओं में गर्भाशय की ट्यूब में छोटी-छोटी गांठें होने से गर्भाशय की ट्यूब ब्लॉक को जाती है, जिस कारण महिलाओं के मां बनने में दिक्कत आती है और कभी-कभी हमारे गले या शरीर के अन्य जगह पर लंबे समय से गांठें होने पर भी विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेने को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि टीबी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, बल्कि इलाज शुरू करना चाहिए। सिर्फ 6 माह का इलाज और जांचें मुफ़्त सभी अस्पतालों में होती हैं। उन्होंने बताया कि इलाज लेने वाले मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए 1000 रुपए प्रत्येक माह मिलते हैं। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान भावना बिष्ट ने कहा हमें रूढ़िवादिता से बाहर निकलकर टीबी जैसे संक्रामक रोग से पूर्ण रूप से निजात लेनी चाहिए और सशक्त भारत निर्माण में अहम योगदान देना चाहिए।
शिविर में प्रमुख मौजूदगी

शिविर में प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र बिष्ट, जीवन सिंह, मनोज कुमार, संजय अधिकारी, कमला देवी और स्वास्थ्य विभाग से लैब तकनीशियन भुवन तिवारी, एएनएम ज्योति असवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रिया जोशी, आशा कार्यकर्ती भगवती कपकोटी, योगा प्रशिक्षक सोनिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ममता बिष्ट आदि कई लोग मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments