हल्द्वानी/लालकुआं: वन निगम में बगैर परिवहन विभाग की अनुमति के चल रहे हैं मोडिफाई वाहन, मजदूरों के पेट पर पड़ रही है लात
हल्द्वानी। जिले के समस्त वन विकास निगम डिपो में वाहनो को मोडिफाई करके पंजे के रूप लकड़ी लोडिंग एंव अनलोडिंग के कार्यो मे लगाये जाने से सरकार को करोड़ो के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है, लेकिन सम्बंधित विभाग है इस और अपनी आखें मुद्दे बैठा है, इधर जब मामला मीडिया में उछला तो परिवहन विभाग भी सक्रिय होता दिख रहा है ।

बताते चलें कि लालकुआं के समस्त वन विकास निगम के डिपो में सरकार की आंखों में धूल झोंकते हुए वन विकास निगम के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से वाहनों को मॉडिफाई करके लोडिंग अनलोडिंग का कार्य किया जा रहा है। जिससे सरकार को करोड़ों रुपयों का राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं इससे संबंधित विभाग भी इस ओर अपनी आंखें मूंदे बैठा हुआ है। इस तरह के मोडिफाइड वाहनों के चलने से डिपो में मजदूरी करने वाले सेकडों मजदूरों के आगे रोजीरोटी संकट पैदा हो गया है।

इधर हल्द्वानी परिवहन विभाग के एआरटीओ डी के सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है कि लालकुआं के वन विकास निगम डिपो में ठेकेदारों द्वारा वाहनों को मॉडिफाई करके पंजे के रूप मे परिवर्तित कर लकड़ी लोडिंग एवं अनलोडिंग के काम मे लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर वाहनों को परिवर्तित करने का पंजीकरण यदि नही कराया गया है तो ऐसे वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाते हुए कड़ी कार्रवाई करते हुए वाहनों सीज किया जाएगा।

इधर लालकुआं मजदूर नेता कैलाश पांडेय ने भी वन विकास निगम डिपो में अवैध रूप से चल रहे मोडिफाई वाहनों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि सेकड़ो मजदूरों के पेट पर लात मारते वन विकास निगम ने अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने के लिये वाहनों मॉडिफाई कर निगमों में लकड़ी लोडिंग एवं अनलोडिंग के कार्य में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिये जिससे मजदूरों को उनका उचित हक मिलना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्दी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो सभी मजदूर सड़कों पर उतरने को बाध्य होगें। जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।