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अल्मोड़ा पुलिस की कामयाबी: दो अंतर्राज्यीय साइबर ठग राजस्थान व झारखंड से दबोचे

╰┈➤ जनपद में साइबर ठगी के पांच मामलों का हुआ पर्दाफाश
╰┈➤ दो शातिर ठगों ने 5 लोगों को लगाई थी 3.45 लाख की चपत
╰┈➤ उत्तराखण्ड ही 06 राज्यों में वांछित चल रहे थे दोनों शातिर

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जनपद में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जिसमें बीते अप्रैल व मई माह में चार महिलाओं और एक पुरूष से साइबर ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय ठग दबोच लिये गए हैं। इन पांच लोगों से 3,45,744 रूपयों की ठगी की गई थी। पांच मामलों में दन्या व सोमेश्वर थाने के दो-दो और सोमेश्वर का एक मामला है। पुलिस काफी समय से इन मामलों का पर्दाफाश करने के लिए ठोस प्रयासों में जुटी थी और सफलता मिली। एक ठग को राजस्थान, तो दूसरे को झारखंड से दबोचा गया है।
ये हैं साइबर ठगी के पांच मामले

✷ थाना दन्या अंतर्गत ग्राम कफलनी निवासी वादिनी मानवी पाण्डेय पत्नी प्रकाश चन्द्र पाण्डेय ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की कि 19 अप्रैल 2026 को अज्ञात व्यक्ति ने उनसे सोनोग्राफी कराने के लिए सहायता धनराशि देने के नाम पर 97,710 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। इस पर थाना दन्या में अज्ञात के खिलाफ धारा-318(4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
✷ थाना दन्या अंतर्गत ग्राम सुकना निवासी हेमा पाण्डे पत्नी कमल चन्द्र पाण्डे ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कि 19 अप्रैल 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति स्वंय को बाल विकास का कर्मचारी बताया और विभागीय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 56,310 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। इस पर थाना दन्या में अज्ञात के खिलाफ धारा-318(4) BNS के तहत मामला पंजीकृत हुआ।
✷ कोतवाली रानीखेत अंतर्गत ग्राम सिलंगी निवासी गंगा फर्त्याल पत्नी संजय फर्त्याल ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस को बताया कि 09 अप्रैल 2026 को अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर पर काल की और खुद को आंगनबाड़ी/डिलीवरी संबंधी भुगतान कराने वाला बताया और खाते में धन भेजने का झांसा दिया। बैलेंस चेक करने पर पता चला कि मेरे भारतीय स्टेट बैंक, बग्वाली पोखर स्थित खाता से 37,540 रूपये की अनधिकृत निकासी हो चुकी थी। इस पर कोतवाली रानीखेत में अज्ञात के खिलाफ धारा 318(4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
✷ कोतवाली रानीखेत अंतर्गत ही ग्राम स्यों तल्ला निवासी पदमा देवी पत्नी महेन्द्र सिंह ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई कि 12 अप्रैल 2026 को उनके पड़ोस में रहने वाली उमा नेगी ने अपनी परिचित बताकर एक अज्ञात व्यक्ति से पैसे आने की बात कही तथा मेरी पुत्री निर्मला के मोबाइल नंबर पर राशि प्राप्त करने का अनुरोध किया। इस पर उस व्यक्ति ने गूगल पे नंबर लेकर 79,604 रूपये की राशि वाला एक स्कैनर (QR) भेजा और उस पर उनकी पुत्री ने क्लिक कर UPI पिन दर्ज कर दिया। इतना होते ही भारतीय स्टेट बैंक, ताड़ीखेत स्थित खाते से 79,604 रूपये की कटौती हो गई। इस पर भी कोतवाली रानीखेत में अज्ञात के खिलाफ धारा 318(4) BNS के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
✷ कोतवाली सोमेश्वर अंतर्गत ​ग्राम रतुराठ मल्लाखोली निवासी चन्दन सिंह बोरा पुत्र दीवान सिंह बोरा ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई कि 16 मई 2026 को अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ गूगल पे के माध्यम से धोखाधड़ी कर दी और उनके खाते से 74,580 रूपये अपने खाते में स्थानांतरित कर लिये। इस पर सोमेश्वर थाने में अज्ञात के खिलाफ धारा 318(4) BNS मामला पंजीकृत हुआ।
ठगों का ऐसे लगाया पता

साइबर ठगी के इन मामलों को लेकर एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। अप्रैल, 2026 में पंजीकृत मुकदमों की विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन व तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साइब ठग के रूप में चन्दन कुमार पुत्र नन्दू कुमार यादव, निवासी पंचायत बाघमारी किता खरवा देवघर (झारखण्ड) प्रकाश में आया। यह भी प्रकाश में आया कि इस ठग ने अल्मोड़ा जनपद के अतिरिक्त अन्य राज्यों के साथ-साथ उत्तराखण्ड के विभिन्नों जनपदों में भी साइबर अपराधों को अंजाम दिया है। इनके अलावा सोमेश्वर कोतवाली अंतर्गत घटित साइबर ठगी के मामले की विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन व तकनीकी विश्लेषण के आधार पर राहुल कुमार बैरवा पुत्र रामजी लाल बैरवा, निवासी मोहनपुरा, तहसील व थाना लवाण, जिला दौसा, राजस्थान का नाम प्रकाश में आया। यह भी प्रकाश में आया कि इसने उत्तराखण्ड, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा तमिलनाडु में भी साइबर अपराधों को अंजाम दिया था, जो सभी राज्यों में वांछित था। जिसने 09 मामलों में 5,65,980 रुपये की ठगी की थी।
राजस्थान व झारखंड से गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने समन्वय और सतत मॉनिटरिंग के साथ 18 जुलाई 2026 को थाना मोहनपुर, जनपद देवघर, झारखण्ड से साइबर ठग चन्दन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय अनुमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी, देवघर झारखण्ड से ट्रांजिट रिमांड लेकर उप निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार, एएसआई फिरोज खान, कांस्टेबिल प्रमोद कुमार, परवेज अली, चन्दन सिंह व राजेश भट्ट शामिल रहे। सोमेश्वर कोतवाली में दर्ज मामले में दूसरी पुलिस टीम ने साइबर ठग राहुल कुमार बैरवा को 17 जुलाई 2026 को धानमण्डी, जिला बारा, राजस्थान से गिरफ्तार किया। जिसे न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बारा, राजस्थान से ट्रांजिट रिमांड लेकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गयी। गिरफ्तारी टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक कृष्ण कुमार, एएसआई फिरोज खान, हेड कांस्टेबिल पवन कुमार, कांस्टेबिल प्रदीप कुमार व राजेश भट्ट शामिल रहे।

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