╰┈➤ धर्मेंद्र प्रधान के पुतलों के साथ जोरदार प्रदर्शन, आक्रोशित स्वरों में गूंजे विविध नारे
╰┈➤ सड़क पर लेटे प्रदर्शनकारी, आधा घंटा चक्काजाम, मोदी-धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: दिल्ली में आंदोलित छात्रों पर लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने से उपजी आक्रोश की ज्वाला बुधवार को अल्मोड़ा पहुंच गई। यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले के साथ कांग्रेस व छात्रों ने माल रोड में जबर्दस्त प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार नारे गुंजायमान रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं व छात्रों ने चौघानपाटा में पुतला दहन करने किया और इसके बाद सड़क पर लेटकर करीब आधा घंटा सांकेतिक चक्काजाम किया। आक्रोशित कांग्रेसजनों ने धर्मेंद्र प्रधान समेत प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
दो पुतलों के साथ प्रदर्शन


बुधवार को यहां उपजा आक्रोश छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और छात्र हितों की अनदेखी और आंदोलित छात्रों पर डंडे बरसाने के विरोध में था। दोपहर करीब 12:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता हेड पोस्ट आफिस के निकट माल रोड पर जुटे, जहां सरकार विरोधी नारों की गूंज के साथ प्रदर्शन शुरू हुआ। आगे-आगे से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं का हुजूम और उनके पीछे छात्रों का काफिला प्रदर्शन करते हुए निकला। कांग्रेसजन और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अलग-अलग पुतले के साथ सांकेतिक शवयात्रा की शक्ल में गांधी पार्क के समीप पहुंचे। इस दौरान एक बारगी पुलिस ने छात्रों से पुतला छीनने की कोशिश की, किंतु छात्र पुतला ले जाने में सफल रहे। चौघानपाटा में दोनों पुतलों का दहन किया गया।
नारों से जबर्दस्त गूंज, जाम में फंसे लोग

इसके बाद चौघानपाटा में बीच सड़क में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र लेट गए और उन्होंने करीब आधा घंटा सांकेतिक चक्काजाम किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी चलती रही और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों की समस्याओं का समाधान करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने एवं जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की। इस दौरान ‘भारत माता की जै’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘छात्र विरोधी यह सरकार, नहीं चलेगी नहीं चलेगी’ समेत ‘मुर्दाबाद’, ‘इस्तीफा दो’, ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे गुुंजायमान रहे। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। जिसमें काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा और लोग जाम में फंसे रहे। बाद में जाम खुलवाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भोज
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि आज देश का युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ी जाएगी। छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदर्शन में बड़ी भागीदारी

इस प्रदर्शन में भूपेंद्र सिंह भोज, तारा चन्द्र जोशी, अमर बिष्ट, अमरजीत सिंह भाकुनी, देव सिंह कनवाल, गोपाल चौहान, मनोज वर्मा, मनोज कुमार जोशी, परितोष जोशी, राधा बिष्ट, शोभा जोशी, किरन आर्य, प्रीति बिष्ट, फेमिना खान, जया जोशी, तारा तिवारी, दीप सिंह डांगी, पूरन रौतेला, हीरा सिंह बिष्ट, भैरव गोस्वामी, रोहित रौतेला, बलवंत टम्टा, जगदीश पांडे, देवेंद्र ढेला, संजय रावत, निर्मल रावत, सतीश कुमार, देव सिंह लटवाल, बाल विक्रम सिंह रावत, गजेंद्र सिंह फर्त्याल, मयंक बिष्ट, गोविंद सिंह मेहरा, बसंत कनवाल, उमेद सिंह, दीक्षांत जीना, अम्बीराम, सुशील साह, तारा चन्द्र साह, ललित सतवाल, अख्तर हुसैन, अमरीश पवार, दीपेश कांडपाल, भूपाल कुमार, जगदीश तिवारी, केतन चौधरी, मनोज रावत, कपिल बहुगुणा, पूरन सिंह बनौला, शहजाद कश्मीरी, कार्तिक साह, नारायण दत्त पांडे, रविन्द्र लाल टम्टा, आनंद सिंह बिष्ट, हरिराम आर्य, गोपाल तिवारी, नवाज खान, दिनेश पिलख्वाल, राज चौहान, बादल, रजत, विपुल कार्की, भूपाल कुमार, गुंजन चम्याल, विकास कुमार, मुकेश कुमार डैनी, अर्जुन कुमार, अशोक गोस्वामी, सोनी गोस्वामी, ऋतिक नयाल, बी के पाण्डेय, हर्ष कनवाल, विनोद वैष्णव, शशांक बिष्ट, फहीमुद्दीन, सचिन आर्य, संजय भारद्वाज, रविंद्र टम्टा व राहुल गुप्ता आदि तमाम कार्यकर्ता व छात्र शामिल रहे।



