हजारों भक्तों की उमड़ी भीड़
CNE REPORTER, रानीखेत। श्री स्वर्गाश्रम आश्रम बिनसर महादेव गीता वन दत्तात्रेय मंदिर में आयोजित 10 दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा पुराण रस सोपान का समापन एक विशाल महाभंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बिनसर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी, जहां हजारों भक्त श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। विगत पांच दशकों से श्री बिनसर महादेव मंदिर में श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा हर वर्ष अनवरत रूप से आयोजित की जाती रही है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी बीती 19 जून से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ था, जिसका समापन आज 29 जून सोमवार को विशाल भंडारे के भव्य आयोजन के साथ हुआ।

इस महायज्ञ को कनखल हरिद्वार से आए आचार्य पंडित राजेंद्र प्रसाद शास्त्री और बद्रीनाथ के ब्यास श्री नागेंद्र तिवारी द्वारा संपन्न कराया गया। धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में तुलसी पांडे व उनकी धर्मपत्नी वंदना पांडे, और हुक्म सिंह कड़ाकोटी व उनकी धर्मपत्नी हंसी कड़ाकोटी शामिल रहे। इस अवसर पर ब्रह्मलीन श्री 108 महंत श्री रामगिरी महाराज के सेवक व मंदिर प्रबंधक पृथ्वीपाल सिंह रौतेला ने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 1958 से पहले ब्रह्मलीन 108 महंत श्री मोहन गिरी महाराज द्वारा बिनसर महादेव की स्थापना की गई थी। इसके बाद उनके साथ महात्मा गंगा गिरी महाराज, क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों, संतों, महात्माओं और स्थानीय भक्तों के सामूहिक सहयोग से इस स्वर्गाश्रम मंदिर का धीरे-धीरे निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाता रहा। उन्होंने कहा कि महंत श्री 108 मोहन गिरी महाराज के दिव्य आशीर्वाद के चलते ही आज भी अनवरत रूप से बिनसर महादेव मंदिर में श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन और विशाल भंडारा सकुशल संपन्न होता आ रहा है।
इस पावन और शुभ अवसर पर रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट भी विशेष रूप से मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने संस्मरण साझा किए और कहा कि जब वे बहुत छोटी उम्र के थे, तभी से उन्हें महाराज मोहन गिरी जी से जुड़े रहने और मंदिर के धर्मार्थ कार्यों में सेवा व सहयोग करने का सौभाग्य मिला था। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने मंदिर परिसर में पहुंचे सभी धर्मप्रेमी भक्तों, श्रद्धालुओं और आयोजन को सफल बनाने वाले मंदिर के तमाम सहयोगियों को हृदय से साधुवाद और धन्यवाद दिया। इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में राम सिंह जमलाल तथा गिरीश कड़ाकोटी सहित अनेक सहयोगियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।



