आरोपी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति
टेलीफोनिक शिकायत पर हुआ औचक निरीक्षण
सीएनई रिपोर्टर, पनुवानौला/अल्मोड़ा। जागेश्वर वन क्षेत्र के अंतर्गत वन पंचायत चगेठी में अवैध रूप से लीसा गढान (निकासी) करने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने मौके से भारी मात्रा में मानकों के विपरीत निकाला गया 27 टिन अवैध लीसा जब्त किया है। इसके साथ ही आरोपी ठेकेदार का एच-2 काटने के साथ उसे भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) करने की मजबूत संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 को वन विभाग को दूरभाष (टेलीफोन) के माध्यम से वन पंचायत चगेठी में बड़े पैमाने पर अवैध लीसा गढान किए जाने की गोपनीय शिकायत मिली थी। शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसके अगले ही दिन, यानी 25 जून 2026 को वन क्षेत्राधिकारी ने अपने संबंधित स्टाफ, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधान, वन पंचायत सरपंच और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।
मानकों को ताक पर रखकर चीड़ के पेड़ों को पहुँचाया नुकसान
स्थलीय जांच और मौके पर किए गए निरीक्षण के दौरान वन विभाग की टीम ने पाया कि लीसा छेवक खड़क सिंह चिलवाल (पुत्र राम सिंह चिलवाल), निवासी ग्राम व पोस्ट चेलछीना, जनपद अल्मोड़ा द्वारा उक्त वन पंचायत क्षेत्र में नियमों और निर्धारित मानकों का सरेआम उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से लीसा निकालने का कार्य किया जा रहा था।
ठेकेदार द्वारा चीड़ के पेड़ों पर दो से तीन गहरे घाव बना दिए गए थे। इतना ही नहीं, मानकों के विपरीत अत्यंत पतले और संवेदनशील वृक्षों पर भी अवैध रूप से गहरे ब्लेड और घाव लगाए गए थे, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। इस अवैज्ञानिक तरीके से लीसा निकालने के कारण वनों और पर्यावरण को भारी क्षति पहुँचने की पुष्टि हुई है।
डिपो में सुरक्षित रखवाया गया माल
निरीक्षण के तत्काल बाद मौके से 27 टिन अवैध लीसा बरामद कर वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर द्वारा जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए सभी 27 टिनों को सरकारी वाहन के माध्यम से ढुलान करवाकर धौलादेवी मोटर रोड डिपो में सुरक्षित रूप से रखवा दिया गया है।
दोषी ठेकेदार के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके नाम से जारी एच-2 को तत्काल प्रभाव से काट (निरस्त कर) दिया गया है। साथ ही उक्त ठेकेदार को हमेशा के लिए प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्ट करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा विभागीय पत्राचार और आधिकारिक संस्तुति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभागीय कार्यवाही पूर्ण, सख्त संदेश देने की कोशिश
वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर (पनवानौला, अल्मोड़ा) के अनुसार, संबंधित लीसा छेवक खड़क सिंह चिलवाल के विरुद्ध वन अधिनियमों और नियमानुसार पूर्ण विभागीय कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित कर दी गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि किसी भी क्षेत्र में वनों को इस तरह का नुकसान पहुँचाने या अवैध रूप से वन संपदा का दोहन करने का प्रयास किया गया, तो संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ इसी प्रकार की कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना की है।


