Bageshwar News: उपाध्यक्ष समेत नौ जिला पंचायत सदस्य अपनी मांग पर अड़े, बोले—अनियमितता नहीं चलेगी, दो कर्मचारियों के तबादले पर तीखी प्रतिकिया
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष समेत नौ सदस्यों का धरना बदस्तूर जारी है। जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों का विकास को गहरी चोट पहुंची है और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जा रही समस्याओं का समाधान करने में शासन-प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। इधर जिला पंचायत आंदोलन कर दौरान जिला पंचायत के दो कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं अटेचमेंट को लेकर आंदोलन कारियो ने तीखी प्रतिक्रिया की है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में 9 जिला पंचायत सदस्यों का आंदोलन जारी है। आंदोलनरत सदस्यों ने जिला पंचायत में जमकर नारेबाजी कर कहा कि अनियमितताओं को लेकर जिपंस धरने पर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांवों के विकास को मिलने वाले धन की लूट मची है। सदस्यों के आंदोलन के बीच जिला पंचायत के लेखाकार गोविंद भौर्याल का इसी पद पर नैनीताल जिला पंचायत स्थानांतरण किया गया है जबकि जिला पंचायत के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मनोज कर्मयाल को जल जीवन मिशन में संबंद्ध कर दिया है। इस परिवर्तन पर आंदोलनरत सदस्यों का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा अपनी नाकामी छुपाने के लिए कर्मचारियों को मोहरा बनाया जा रहा है। इसलिए कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने कहा कि कर्मचारियों के स्थानांतरण से आंदोलन कमजोर नहीं होगा। हर कर्मचारी व अधिकारी को नियमों के तहत ही कार्य करना होगा। इसलिए आंदोलन की आड़ में कर्मचारियों का उत्पीड़न भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जिला पंचायत के कार्यों की जांच नहीं हुई, तो वह उग्र आंदोलन के साथ एक सप्ताह बाद न्यायालय की शरण जाने को मजबूर होंगे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी, गोपा धपोला, पूजा आर्य, रूपा कोरंगा, रेखा देवी, इंद्रा परिहार, सुरेन्द्र खेतवाल आदि मौजूद थे।
एक प्रक्रिया के तहत हुआ तबादला
जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि कर्मचारियों का स्थानांतरण विभागीय प्रक्रिया के तहत किया गया है। आन्दोलनरत सदस्यों का काम सदस्यों व कर्मचारियों को भड़काने का है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सदन की बैठक आहूत कर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।