Big Breaking News: 30 साल बाद हत्थे चढ़ा फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाला नवरत्न, जमानत के बाद से चल रहा था फरार, अल्मोड़ा पुलिस ने संभल जिले में दबोचा
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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
फर्जी दस्तावेजों से स्वास्थ्य महकमे में नौकरी पाने वाला 30 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। अल्मोड़ा पुलिस टीम इस वारंटी को उत्तर प्रदेश के संभल जिले गिरफ्तार कर ले आई। अदालत के आदेश पर इस आरोपी की कुर्की करने के बाद इसे फरार घोषित कर दिया था।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के थाना धनारी अंतर्गत ग्राम भिरावली निवासी नवरत्न सिंह उर्फ राजू पुत्र हरेन्द्र सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बैजनाथ में लैब असिस्टेंट के पद पर तैनात था। बाद में जांचोपरांत खुलासा हुआ कि नवरत्न ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्ति पाई है। इसके बाद तत्कालीन सीएमओ ने कोतवाली अल्मोड़ा में वर्ष 1991 में धारा 465/ 468/ 471/ 420 भादवि के तहत उसके खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया था।
जिसे पुलिस ने तब गिरफ्तार कर जेल भेजा और बाद में न्यायालय से जमानत मिलने पर नवरत्न फरार हो गया। तब से लगातार फरार ही चल रहा था। यहां उल्लेखनीय है कि तब बैजनाथ अल्मोड़ा जनपद में ही था, क्योंकि बागेश्वर जनपद बाद में बना। न्यायालय के आदेश से आरोपी नवरत्न की कुर्की की कार्यवाही करते हुए उसे फरार घोषित कर दिया गया। वर्ष 1991 से पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी।
इधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा पंकज भट्ट के निर्देश पर वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए वर्तमान में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत गठित टीम में उप निरीक्षक गौरव जोशी, कांस्टेबल बलराम सिंह व धनी राम द्वारा लगातार दबिश के साथ ही सुरागरसी पतारसी की गई। अथक प्रयास से आखिर सफलता मिली और टीम ने आरोपी नवरत्न उर्फ राजू को हरबाबा की बांध आश्रम, थाना रजपुरा, जिला सम्भल से गिरफ्तार कर लिया। उप निरीक्षक गौरव जोशी ने बताया कि 30 सालों बाद यह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है।