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आसान हुआ अब आसाध्य रोगों का उपचार ! अल्मोड़ा में खुला नेचुरोपैथी एंड योगा सेंटर

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  • डॉ. सत्यनारायण यादव की प्रेस वार्ता
  • 18 नवंबर को होगा उद्घाटन
  • केंद्र में ​वर्ल्ड क्लास डॉक्टर देंगे प्रशिक्षण
  • नि:शुल्क हैं समस्त सेवाएं
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कायम होगी पहचान
  • रिसर्च सेंटर के रूप में होगा स्थापित

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

निरोगी व स्वस्थ काया को प्राकृतिक, आयुर्वेद व योग चिकित्सा के माध्यम से कायम रखने लिए प्राचीन ऋषि—मुनियों की परंपरा को स्थापित करने के उद्देश्य से यहां गोलनाकरड़िया में सुशीला देवी चैरिटेबल ट्रस्ट का नेचुरोपैथी एंड योगा सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका उद्घाटन 18 नवंबर को धूमधाम से किया जायेगा। संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी व सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सत्यनारायण यादव ने आज यहां प्रेस वार्ता में संस्था व भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

यहां एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. सत्यनारायण यादव ने कहा कि केंद्र में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्णतया नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। इसके अलावा यहां योग, प्राकृतिक चिकित्सा व आयुर्वेद का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। उनका उद्देश्य इस केंद्र को रिसर्च सेंटर के रूप में स्थापित करने का है। जिसके लिए वह विश्व स्वास्थ्य संगठन, आयुष मंत्रालय से संपर्क कर रहे हैंं। उन्होंने बताया कि गम्भीर और असाध्य रोगों के उपचार के लिए योग, प्राकृतिक चिकित्सा व आयुर्वेद सबसे सटीक माध्यम हैं, किंतु नवीन पीढ़ी बिना तर्क के कुछ मानने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि वह तार्किक ढंग से यहां अपनी बात रखेंगे।

केंद्र का उद्देश्य है कि मरीज को जो लाभ हो वह स्थायी हो और बीमारियों का समूल रूप से विनाश हो सके। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति भी गम्भीर खतरनाक रोगों के उपचार के लिए कारगर है, लेकिन एलोपैथिक चिकित्सा में ब्लड प्रेशर, शूगर, दमे जैसी कई बीमारियों में हमेशा के लिए दवा खाने की बाध्यता होती है। दवा छोड़ देने पर पुन: रोग वापस आ जाता है, लेकिन प्राकृतिक व योग चिकित्सा पद्धति में रोग का जड़ से विनाश हो सम्भव है। साथ ही किसी प्रकार की हानिकारक दवाओं को लेने की भी बाध्यता नहीं रहती। उन्होंने बताया कि केंद्र में विश्व व राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को समय—समय पर बुलाया जायेगा। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयं तो स्वस्थ होंगे ही, साथ ही अन्य लोगों का भी उपचार कर सकेंगे। इसके लिए प्रशिक्षण पूरा करने वालों को सार्टिफिकेट भी दिया जायेगा। जिसकी बदौलत वह बहुत बेहतर तनख्वाह में देश के विभिन्न संस्थानों में नौकरी भी पा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा के गोलनाकरड़िया में स्थापित यह केंद्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक दिन ख्याति प्राप्त करेगा। इसके लिए वह प्रयासरत हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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