सुयालबाड़ी से अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट यहां अल्मोड़ा—हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में काकड़ीघाट से क्वारब तक किये जा रहे सड़क चौड़ीकरण के कार्य में मानकों की पूरी तरह अवहेलना की जा रही है। यहां एनजीटी के आदेशों की भी धज्जियां उड़ रही हैं।
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उल्लेखनीय है कि काफी समय से यहां एनएच पर काकड़ीघाट से क्वारब तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस कार्य के दौरान जहां एक ओर रोज मार्ग में जबरदस्त जाम लग रहा है वहीं निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के निर्देशों की भी खुलेआम अवहेलना करते हुए सड़क कटान का तमाम मलबा कोसी नदी में फैंका जा रहा है। ज्ञात रहे कि एनजीटी ने पूरे प्रदेश में पहाड़ कटान का मलबा नदी में प्रवाहित करने पर रोक लगाई हुई है।
इसे देखते हुए जगह-जगह डंपिग जोन भी बनाए गए हैं। एनजीटी की शर्त के अनुसार, चट्टान काटकर निकाले गए मलबे को ट्रकों में भरकर डंपिग जोन में जमा किया जाना चाहिए। ताकि वनस्पतियों और जलीय जीव जंतुओं को नुकसान न पहुंचे, लेकिन इसके विपरीत सड़क पर काम कर रही एजेंसियां पैसा बचाने के लिए मशीनों से मलबे को नदी में गिरा रही हैं। स्थानीय जागरूक नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा भी आंख मूंद ली गई है। विभिन्न माध्यमों से सूचित किये जाने पर भी कोई कार्रवाई नही हुई है। इधर सीएनई की इस संबंध में संबंधित विभाग के एई ललित तिवारी का कहना है कि मिट्टी के लिए निर्धारित डंपिंग जोन बनाये गये हैं। मिट्टी मलबा वहीं डाली जानी चाहिए। वह मामले का संज्ञान लेंगे।
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।