17 फरवरी से आमरण अनशन की चेतावनी
बागेश्वर (CNE)। नगर पालिका द्वारा पगना क्षेत्र में बनाए जा रहे टंचिंग ग्राउंड (Dumping Ground) को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि वे शहर का कूड़ा अपने गांव में किसी भी कीमत पर नहीं आने देंगे।
मंगलवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि निर्माण कार्य तुरंत नहीं रोका गया, तो 17 फरवरी से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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पूरी खबर पढ़ेंप्रशासन के आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान
ग्राम प्रधान राकेश सिंह नेगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है।
- पिछला घटनाक्रम: 15 दिसंबर को भी ग्रामीणों ने अनशन की तैयारी की थी, लेकिन जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।
- वादाखिलाफी का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई लिखित समाधान नहीं दिया गया।
- ताजा विवाद: 9 फरवरी को जब पालिका प्रशासन और ठेकेदार ने लोडर मशीन के साथ निर्माण शुरू करने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया।
17 फरवरी से तहसील में होगा ‘आर-पार’ का आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि टेंडर निरस्त नहीं किया गया और निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक नहीं लगी, तो आगामी 17 फरवरी को सुबह 11 बजे से तहसील कार्यालय में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
“हमने बार-बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। अब यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर पालिका की होगी।” — राकेश सिंह नेगी, ग्राम प्रधान।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन में पगना और आसपास की ग्राम सभाओं के लोग एकजुट दिखे। इस दौरान ग्राम प्रधान मेहरनबूंगा गीतांजलि, गोपा धपोला सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।










