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अल्मोड़ा: जय जागेश्वर महादेव, अब चढ़ावे के फूलों से बनेगी धूप-अगरबत्ती

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सीएनई रिपोर्टर, पनुवानौला/अल्मोड़ा

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अपार आस्था के केंद्र और विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में भगवान भोलेनाथ को चढ़ने वाले फूलों से धूप-अगरबत्ती का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए बकायदा आज बकायदा 21 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें कुल 30 लोगों का पंजीकरण किया गया। यह प्रशिक्षण आगामी 23 नवंबर तक जारी रहेगा। प्रशिक्षणार्थियों को न केवल ट्रेनिंग दी जायेगी, बल्कि मार्केटिंग के गुर भी सिखाये जायेंगे।

जागेश्वर के स्थानीय लोगों के प्रस्ताव के आधार पर उद्योग निदेशालय उत्तराखंड सरकार व जिला उद्योग केंद्र अल्मोड़ा द्वारा प्रायोजित एवं निधि संस्था पिथौरागढ़ के तत्वाधान में जागेश्वर मंदिर में चढ़ावे से निकले फूलों से धूप अगरबत्ती एवं वेस्ट फूलों से बर्मी खाद तैयार करने हेतू 21 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान प्रेमा देवी की अध्यक्षता में किया गया।

इस मौके पर जागेश्वर मंदिर कमेटी की अध्यक्ष द्वारा पूर्ण आवश्यक सहयोग करने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मंदिर मंडली के हित में है। निधि संस्था के निदेशक डॉ. पांडे द्वारा प्रशिक्षण के उपरांत भी आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। साथ ही सहयोगी संस्था सेवा उत्तराखंड के प्रतिनिधियों द्वारा भी पूर्ण सहयोग प्रदान करने की बात कही। निधि के जिला समन्वयक विनोद पांडे व कार्यक्रम संयोजक पंकज पांडे द्वारा उत्पादों के विपणन व मार्केटिंग में सहयोग के लिए उत्पादकों को पनुवानौला में नाबार्ड द्वारा गठित महामृत्युंजय किसान उत्पादक संगठन से जोड़ने व शेयर भी देने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आगामी 23 नवंबर तक चलेगा, जिसमें निर्माण के साथ ही मार्केटिंग और व्यवसाय योजना बनवाने का भी प्रशिक्षण प्रतिभागियों को दिया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए लगभग 30 लोगों का पंजीकरण किया गया।

इसके अलावा 02 नवंबर से 24 नवंबर, 2022 तक जिला उद्योग केन्द्र अल्मोड़ा द्वारा प्रायोजित व निधि संस्था के सहयोग से स्याहीदेवी हवालबाग (विधान सभा क्षेत्र अल्मोड़ा) में भी टीएसपी योजना के तहत 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र पंचायत सदस्या (बड़गल भट्ट) कमला देवी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें जिला उद्योग केंद्र अल्मोड़ा के डीएस पंचपाल द्वारा विभाग से चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई तथा निधि संस्था के निर्देशक डॉ. सुनील पांडे द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का संचालन निधि के जिला सवन्वय विनोद पांडे द्वारा किया गया। जिसमें में स्थानीय लोगों द्वारा बड़ चढ़कर हिस्सा लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्येष्ठ प्रमुख धौलादेवी योगेश भट्ट, विशिष्ट अतिथि प्रबंधक जागेश्वर मंदिर कमेटी ज्योत्सना पंत, जिला उद्योग केन्द्र अल्मोड़ा के सहायक महाप्रबंधक डीएस पंचपाल, सहयोगी संस्था निधि के निदेशक डॉ. सुनील पांडे, संरक्षक नागेश पंत, संयोजक व जिला समन्वयक विनोद पांडे, कार्यक्रम संयोजक पंकज पाण्डेय, मुख्य प्रशिक्षक राम चंद्र जोशी तथा सहयोगी संस्था (सेवा उत्तराखंड) के प्रतिनिधि श्रेया परिहार, बीना महाजन, दया, अनिता आदि उपस्थित रहे।

जानिये कैसे बनती है फूलों से अगरबत्ती

✒️ अगरबत्ती निर्माण के लिए फूलों के चूरे को एक पाउडर में मिलाकर मशीन में डाला जाता है।

✒️ मशीन इस चूरे से अगरबत्ती तैयार कर देती है।

✒️ इन अगरबत्तियां का बंडल बनाया जाता है।

✒️ फिर इन्हें धूप में सुखाया जाता है।

यह है फूलों से अगरबत्ती बनाने कि पूरी प्रक्रिया :

✒️ बड़ी संख्या में फूल एकत्रित करें।

✒️ जैविक घोल का छिड़काव करें, ताकि हानिकारक कीटों को हटाया जा सके।

✒️ एकत्रित फूलों को छांटकर उसमें से खराब फूल, धागे या अन्य पत्तियों को हटा दें।

✒️ फूलों में से पत्तियों को निकालकर धूप में सुखा लें।

✒️ सूखे फूल को मशीन में डालकर उसका पावडर बना लें।

✒️ अब पावडर को अच्छी तरह से गूंथ ले।

✒️ लकड़ी की पतली स्टिक को गुंथे माल में रोल कर उसे अगरबत्ती का रूप दे दें।

✒️ अगरबत्ती बनकर तैयार हो जाएगी और आप पैकेजिंग शानदार करें।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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