हल्द्वानी। सोमवार को गुरुद्वारा गुरुनानक पुरा हल्द्वानी में होला महल्ला के उपलक्ष्य में विशेष गुरमति दीवान सजाए गए जिसमें होला महल्ला पर्व जो कि गुरुगोबिंद सिंघ जी के द्वारा 16वीं सदी में शुरू किया गया था जिसका अर्थ होला यानि हमला व महल्ला यानि स्थान सम्पूर्ण अर्थ हमले का स्थान जिसमें अत्याचार से लड़ने हेतु सिख फौजो को दो समूहों में बांट कर युद्ध का अभ्यास कराया जाता था व गुरबाणी के द्वारा प्रभु सिमरन के रंग से आत्मा को रंगने का कार्य किया जाता था। आज के कार्यक्रम में देहरादून से पधारे जसप्रीत सिंघ ने समूह संगत को मानवता की सेवा, प्रभु के सिमरन, परोपकार व गुरु की बाणी के रंग में रंगने का सन्देश दिया व पंथ प्रसिद्ध कुलदीप सिंघ देहरादून वालों ने रसभिन्ना कीर्त्तन गायन करके भाव विभोर किया व सभी को प्रभु की भक्ति के रंग में रंगने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्य तौर पर डॉक्टर जगदीश चन्द्र, एस.पी. सिटी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व हल्द्वानी में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करने व युवाओं के नशा मुक्त समाज बनाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। गुरुद्वारा प्रबन्धक समिति के द्वारा डॉक्टर जगदीश चंद्रा को सिरोपा भेंट कर के सम्मानित किया गया। समूह कार्यक्रम में गुरद्वारा गुरुनानक पूरा प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष स. अमरजीत सिंघ बिंद्रा, सतपाल सिंघ गुजराल, अमरजीत सिंघ सेठी, रणजीत सिंघ आंनद, विजयंत पाल सिंघ सुखमनी साहिब सेवा सोसायटी के मुख्य सेवादार स. सुरजीत सिंघ सेठी, दलीप सिंघ, बलवंत सिंघ, अंगपाल सिंघ, हरपाल सिंघ, सविंदर कौर आदि के साथ अन्य सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों ने गुरु चरणों मे अपनी हाज़री लगवाई व देश को कोरोना से मुक्ति हेतु प्रभुचरणों मे मुख्य ग्रंथी भाई ठाकुर सिंघ ने अरदास की।
हल्द्वानी : गुरुद्वारा गुरुनानक पुरा में होला महल्ला
By CNE DESK
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