भारी बारिश से व्यापक नुकसान ! कहीं मकान धंसा, कहीं दुकान उजड़ी, पहाड़ से बरसे पत्थर

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भारी बारिश से व्यापक नुकसान
भारी बारिश से व्यापक नुकसान

गंगोरी में ग्राम प्रधान का बाथरूम पूरी तरह ध्वस्त

पूर्व सैनिक की दुकान को भारी नुकसान

नैनीपुल में मकान में आई खतरनाक दरार

काकड़ीघाट में दो घंटे थमा यातायात

नैनीताल/अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट। पहाड़ों में लगातार बिगड़ रहे मौसम और भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर दिखाया है। नैनीताल जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के कारण भवनों और दुकानों को नुकसान पहुंचने के साथ ही सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से लोगों में दहशत फैल गई। हालात इस कदर बिगड़े कि काकड़ीघाट में पहाड़ से आए मलबे के कारण मार्ग करीब दो घंटे तक बंद रहा।


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बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में गंगोरी, नैनीपुल और काकड़ीघाट में नुकसान की सूचना सामने आई है। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति का जायजा लिया गया और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता का भरोसा दिलाया गया है।

गंगोरी में ग्राम प्रधान के मकान को भारी नुकसान

गंगोरी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश का असर ग्राम प्रधान नीमा देवी के मकान पर पड़ा। बारिश के चलते उनके घर का बाथरूम पूरी तरह ध्वस्त हो गया। अचानक हुए नुकसान से परिवार के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

स्थानीय स्तर पर बारिश से हुए नुकसान को लेकर प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भवनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूर्व सैनिक की दुकान भी बारिश की चपेट में

बारिश ने पूर्व सैनिक हरीश सिंह नेगी की दुकान को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। दुकान को काफी नुकसान पहुंचने की सूचना है। बारिश के कारण हुए नुकसान से उनके सामने आर्थिक परेशानी भी पैदा हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच छोटे कारोबारियों और कमजोर भवनों को विशेष खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित लोगों को समय रहते राहत और आर्थिक सहायता मिलना बेहद जरूरी है।

नैनीपुल में मकान में पड़ी दरार, बढ़ी चिंता

उधर, नैनीपुल में सेवानिवृत्त सैनिक राजेंद्र सिंह जीना के मकान में बारिश के बाद दरार आने की सूचना है। मकान को नुकसान पहुंचने से परिवार की चिंता बढ़ गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में मकानों के आसपास जमीन खिसकने अथवा धंसने की स्थिति में भवनों में दरार आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त भवनों का तकनीकी परीक्षण कर उनकी सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाना जरूरी है।

काकड़ीघाट में पहाड़ से बरसे पत्थर, मची अफरा-तफरी

बारिश के बाद काकड़ीघाट में हालात अचानक बिगड़ गए। पहाड़ से मलबा सड़क पर आ जाने के कारण मार्ग करीब दो घंटे तक बंद रहा। इस दौरान अचानक पहाड़ से पत्थर गिरने शुरू हो गए, जिससे सड़क पर मौजूद लोगों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई।

पत्थरों और मलबे के गिरने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। बाद में जेसीबी की मदद से सड़क पर आया मलबा हटाया गया और मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सका। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारू हो पाई।

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

बारिश से हुए नुकसान की सूचना के बाद कैंचीधाम तहसील की पट्टी पटवारी रूपा भारती ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से स्थिति की जानकारी ली।

पटवारी ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि बारिश से हुए नुकसान का नियमानुसार आकलन किया जाएगा और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कानूनगो नरेश असवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने भी प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से नुकसान का उचित आकलन कर शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

बारिश ने फिर बढ़ाई पहाड़ों में खतरे की चिंता

नैनीताल जनपद में बारिश के दौरान सामने आए ये मामले पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को एक बार फिर सामने ला रहे हैं। कहीं मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं तो कहीं सड़क पर पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बाधित हो रहा है।

सबसे बड़ी चिंता उन मार्गों को लेकर है, जहां बारिश के दौरान अचानक भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। काकड़ीघाट की घटना ने भी यह संकेत दिया है कि बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर सफर करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से प्रभावित भवनों और संवेदनशील सड़क क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कराया जाए तथा जहां खतरा अधिक है, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

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