अल्मोड़ा में इंजीनियर से मारपीट और अभद्रता पर भड़का डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ

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अल्मोड़ा में इंजीनियर से मारपीट और अभद्रता पर भड़का डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ
अल्मोड़ा में इंजीनियर से मारपीट और अभद्रता पर भड़का डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

CNE REPORTER, अल्मोड़ा। लोक निर्माण विभाग काशीपुर के अपर सहायक अभियंता इंजीनियर राजीव गौर के साथ हुई कथित मारपीट एवं अभद्रता की घटना को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की अल्मोड़ा निर्माण खंड शाखा ने कड़ा आक्रोश जताया है। घटना के विरोध में संघ की ओर से 7 सितंबर 2026 को आपातकालीन बैठक आयोजित की गई, जिसमें मामले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई।


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संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में लोक निर्माण विभाग काशीपुर के अपर सहायक अभियंता इंजीनियर राजीव गौर के साथ हुई मारपीट एवं अभद्रता की घटना को लेकर रोष और गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संघ ने कहा कि इस प्रकार की घटना न केवल संबंधित अभियंता के साथ अन्याय है, बल्कि विषम परिस्थितियों में अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे विभागीय अभियंताओं और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

मानसून और आपदा काल में भी ड्यूटी कर रहे अभियंता

बैठक में संघ ने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि वर्तमान समय में मानसून एवं आपदा काल के दौरान विभागीय अभियंता विषम और विपरीत परिस्थितियों में अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे समय में अभियंताओं के साथ मारपीट और अभद्रता की घटना को संघ ने अत्यंत गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है।

संघ का कहना है कि लोक निर्माण विभाग से जुड़े अभियंता और कर्मचारी आपदा एवं खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है।

दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग

आपातकालीन बैठक में संघ ने संबंधित घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की। संघ ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा।

संघ ने कहा है कि मामले में कार्रवाई में देरी होने की स्थिति में संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

अभियंताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर

बैठक में विभागीय अभियंताओं एवं कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने मांग की कि विशेषकर मानसून और आपदा काल में जब अभियंता कठिन परिस्थितियों में सरकारी कार्यों को अंजाम देते हैं, तब उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावी कदम उठाएं।

संघ के अनुसार, शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान किसी भी अभियंता या कर्मचारी के साथ मारपीट अथवा अभद्रता की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में कानून के अनुरूप त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

आपातकालीन बैठक में इंजीनियर पूरन चन्द्र फर्त्याल, इंजीनियर सुरेश चन्द्र लोहियाल, इंजीनियर जी.के. पाण्डे, इंजीनियर गोविन्द सिंह महरा, इंजीनियर गणेश जोशी, इंजीनियर रवि दानी, इंजीनियर दीपक तिवारी, इंजीनियर रिनी पाण्डे और इंजीनियर हर्षिता सुयाल मौजूद रहे।

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