सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा नंदामय, हजारों लोग भव्य शोभायात्रा के गवाह

👉 श्रद्धालुओं ने भीगी पलकों से किया मां नंदा को विदा👉 डोला विसर्जन के साथ नंदादेवी मेले का समापन सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा…

सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा नंदामय, हजारों लोग भव्य शोभायात्रा के गवाह

👉 श्रद्धालुओं ने भीगी पलकों से किया मां नंदा को विदा
👉 डोला विसर्जन के साथ नंदादेवी मेले का समापन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा आज मां नंदा के जयकारों से गुंजायमान रही और पूरा शहर नंदामय बन गया। पिछले 08 दिनों से यहां चल रहा ऐतिहासिक एवं पौराणिक नंदादेवी महोत्सव के अंतिम रोज आज मां नंदा—सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकली। जिसमें भक्तों व दर्शकों का सैलाब उमड़ा। हजारों नयन इस विहंगम नजारे के गवाह बने। महिला—पुरुषों व बच्चों ने शहर की मुख्य बाजार के दोनों छोरों, छतों, बालकनी, बरामदों में खड़े होकर मां नंदा के डोले के दर्शन किए और अक्षत—पुष्प चढ़ाए।

गत 20 सितंबर से यहां ऐतिहासिक नंदादेवी मेले की धूम मची है। हर दिन पूजा अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समा बांधा। इसी क्रम के चलते आज बुधवार को चंदवंशज युवराज नरेंद्र चंद सिंह व परिजनों ने अपनी कुलदेवी की पूजा-अर्चना की। पूजा—अर्चना मंदिर के मुख्य पुजारी तारादत्त जोशी, सहयोगी पुजारी प्रमोद डालाकोटी एवं राज परिवार के नागेश पंत द्वारा संपन्न कराई गई। अपराह्न पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार मंदिर में परंपरागत तरीके से विशेष पूजा अर्चना की। अपराह्न मां नंदा—सुनंदा का डोला उठा। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते और भजन गाते हुए चल रहे थे। छोलिया नर्तक नृत्य करते हुए चल रहे थे। पूरे बाजार में हजारों लोगों ने मार्ग में दोनों तरफ खड़े होकर डोले का स्वागत किया। मकानों की छतों और खिड़कियों से भक्तों ने मां के डोले के दर्शन किए और अक्षत पुष्प चढ़ाए।

इस दौरान देव डंगरियों से भक्तों ने आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में महिलाओं की एक टोली परंपरागत परिधान पहने हुए चल रही थी।नंदादेवी से निकलकर शोभायात्रा लाला बाजार, बंसल गली व शिखर के समीप से माल रोड होते हुए आगे बढ़ी। मां नंदा-सुनंदा को ड्योड़ीपोखर में कुलदेवी के मंदिर के दर्शन कराए। इस बीच मंदिर से राज परिवार की युवरानी कामाक्षी सहित परिवार के सदस्यों ने मां के डोले की आरती उतारी। इसके बाद लोहे के शेर से मुख्य बाजार होते हुए शोभायात्रा निकली। बाद में नंदा-सुनंदा की मूर्तियों को दुगालखोला स्थित नौले में पूजा अर्चना और धार्मिक विधि विधान के साथ विसर्जित किया गया। शांति व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शोभायात्रा के साथ ही नंदादेवी महोत्सव का समापन हो गया है।
शोभायात्रा में शामिल प्रमुख लोग

शोभायात्रा में चंदवंशज युवराज नरेंद्र चंद सिंह, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, डायरेक्टर विनीत बिष्ट, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, सिकंदर पवार, अरविंद चंद जोशी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, मंदिर के व्यवस्थापक अनूप साह, मुन्ना वर्मा, एलके पंत, ललित मोहन साह, मेला सह संयोजक हरीश बिष्ट, अर्जुन सिंह बिष्ट, संजय साह, मीडिया प्रभारी अमरनाथ सिंह नेगी, जगत तिवारी, खेल संयोजक हरीश कनवाल, सलाहकार दिनेश गोयल, किशन गुरुरानी, जीवन नाथ वर्मा, जीवन गुप्ता, दीप लाल साह, सांस्कृतिक संयोजक परितोष जोशी, संयोजक मूर्ति निर्माण समिति के रवि गोयल, मनोज जोशी व महिलाओं, राजनैतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों लोग शामिल हुए।