वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
“सर… गलती मेरी नहीं थी”— फिर भी पुलिस बुला ली!
सीएनई रिपोर्टर | पन्ना (मध्य प्रदेश) : सिर्फ 120 रुपये के मोबाइल कवर की डिलीवरी को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि एक डिलीवरी बॉय को जेल तक जाना पड़ा। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर में पदस्थ एसडीएम रामनिवास चौधरी पर एक डिलीवरी बॉय ने अपने पद का दुरुपयोग कर उसे जेल भिजवाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

पीड़ित विजय कुशवाहा के अनुसार, एसडीएम ने फ्लिपकार्ट से 120 रुपये के दो मोबाइल कवर ऑर्डर किए थे। 22 जुलाई को जब वह पार्सल लेकर पहुंचे तो पैकेट में केवल एक ही मोबाइल कवर निकला। विजय का कहना है कि यह फ्लिपकार्ट या लॉजिस्टिक कंपनी की तकनीकी गलती थी और उन्होंने नियमानुसार ऑर्डर वापस करने की बात कही।
आरोप है कि इतना सुनते ही एसडीएम भड़क गए, कथित तौर पर गाली-गलौज की और तत्काल पुलिस बुला ली। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और विजय कुशवाहा को हिरासत में लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर पवई उपजेल भेज दिया गया।
जेल से बाहर आते ही छलका दर्द, वीडियो ने हिला दिया सोशल मीडिया
24 जुलाई को जेल से रिहा होने के बाद विजय कुशवाहा ने अपना दर्द वीडियो के जरिए लोगों के सामने रखा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या किसी तकनीकी गलती की कीमत एक गरीब डिलीवरी बॉय को जेल भेजकर चुकानी पड़ेगी?
पुलिस का पक्ष भी सामने आया
शाहनगर थाना प्रभारी परशुराम डावर ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। उनके अनुसार, एसडीएम की शिकायत में डिलीवरी बॉय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई।
एसपी ने कहा— होगी निष्पक्ष जांच
पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
जनता पूछ रही है बड़ा सवाल…
एक ओर एक मेहनतकश डिलीवरी बॉय का दावा है कि वह केवल अपना काम कर रहा था, दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी की शिकायत पर उसे जेल भेज दिया गया। अब वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह कानून का पालन था या पद के प्रभाव का इस्तेमाल?
नोट: इस मामले में डिलीवरी बॉय ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई एसडीएम की शिकायत के आधार पर की गई। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


