सोमेश्वर न्यूज : राजकीय महाविद्यालय में GIS Application and carry opportunity विषयक सेमिनार, शोधार्थियों—विद्यार्थियों को मिली बहु उपयोगी जानकारियां
सीएनई रिपोर्टर, सोमेश्वर
हुकुम सिंह बोरा राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर एवं एनआईबीएमटी दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में जीआईएस एप्लीकेशन एंड कैरी अपॉर्चुनिटी विषय पर ऑनलाईन माध्यम से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार में जीआईएस, आधुनिक तकनीक, महामारी के दौर में मोबाइल एप्लीकेशन की उपयोगिता आदि विषयों पर गहन विचार—विमर्श हुआ। खास तौर पर शोधार्थियों के लिए यह सेमिनार काफी उपयोगी रहा।
सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि निदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड डॉ. कुमकुम रौतेला ने शिरकत की। मुख्य वक्ता प्रोफेसर जेएस रावत नेशनल ज्योग्राफिकल चेयर प्रोफेसर अंडर जीएसटी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नई दिल्ली तथा पूर्व विभागाध्यक्ष एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा एवं डॉ. रविंद्र नाथ तिवारी विभागाध्यक्ष जिओ इंफॉर्मेशन एनआईबीएमटी फाउंडेशन नई दिल्ली रहे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं शोधार्थियों तथा समस्त प्रतिभागियों को ज्योग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम तथा वर्तमान समय में जीआईएस का आम जन जीवन पर क्या असर पड़ रहा है एवं इसकी उपयोगिता पर विस्तार पूर्वक बताया गया।
वर्तमान समय में आधुनिक टेक्नोलॉजी द्वारा इस कोविड-19 महामारी में किस प्रकार मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा महामारी के दौरान सहायता प्रदान की गई पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान समय में ग्लोबल पोजीशन सिस्टम जीपीएस का उपयोग के बारे में बताया गया। एक छोटे से मोबाइल का उपयोग कर किस प्रकार से किसी व्यक्ति की समस्त जानकारियों को एक क्लिक में प्राप्त करना और प्राप्त सूचनाओं के आदान-प्रदान से किस प्रकार जीवन को आसान बनाया जा सकता है पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जिसके द्वारा रोजगार प्राप्त कर नए—नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं की जानकारी भी शोधार्थियों एवं छात्र छात्राओं को प्रदान की गई।
महाविद्यालय में ऑनलाइन हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य योगेश कुमार शर्मा तथा संचालन डॉ राकेश पांडे द्वारा किया गया। विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के द्वारा छात्र—छात्राओं को घर पर बैठकर ऑनलाइन माध्यम से नई-नई जानकारियां वीडियो क्लिप के माध्यम से भी डॉ. सीपी वर्मा विभाग अध्यक्ष द्वारा प्रदान की गई। छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियों को इस कार्यक्रम के द्वारा उनके मोबाइल से किस प्रकार एक क्लिक के द्वारा पूरे विश्व के डाटा को आदान प्रदान करना तथा प्रदत्त सूचनाओं का विश्लेषण कर अपने जीवन में रोज रोजगार के द्वारा भी उपयोग किया जा सकता है का भी संदेश दिया गया।