जागो हुक्मरानों, जागो : सोई सरकार को जगाने डाइट डीएलएड प्रशिक्षितों ने बजाई थालियां, प्रशिक्षण पर हुए 70 हजार खर्च, नियुक्ति प्रक्रिया का पता नही ! पढ़िये पूरी ख़बर….
सीएनई संवाददाता
तिथि — 06 सितंबर, 2020
उत्तराखंड में विगत आठ माह से नियुक्ति की बाट जोह रहे प्रदेश भर के 519 डाइट डीएलएड प्रशिक्षितों ने कोरोना काल में एक अलग ही अंदाज में विरोध प्रदर्शन करके अपने आक्रोश का इजहार किया। इन बेरोजगारों का प्रदर्शन उन कांग्रेस—भाजपा जैस राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के लिए एक नजीर है, जो कोविड संक्रमण के दौर में भी गाहे—बगाहे विरोध—प्रदर्शनों के नाम पर भीड़ जुटाने से बाज नही आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस एक ओर जहां देश भर में देश के प्रथम उपराष्ट्रपति व पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान हुआ वहीं दूसरी ओर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर डाइट डीएलएड प्रशिक्षितों ने शनिवार शाम ठीक 5 बजकर 5 मिनट पर अपने-अपने घरों से थाली और चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ज्ञात रहे कि प्रशिक्षितों की मुख्य मांग प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान करना है। डाइट डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पवन मुस्युनी ने बताया कि 2017 में आयोजित डीएलएड प्रवेश परीक्षा में लगभग 70 हजार परीक्षार्थियों में से 550 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों ने राज्य के सभी जनपदों के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से 2 साल का कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया, 70 हजार फीस जमा की, टीईटी उत्तीर्ण किया और मार्च 2020 तक शिक्षा निदेशालय में धरना भी दिया, लेकिन प्राथमिक विद्यालयों में 4000 से अधिक पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षकों को नियुक्ति नहीं प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने पर विभिन्न योजनाओं की डींगे हांकने वाली सरकार में शिक्षक विहीन विद्यालय भला कैसे पलायन रोकेंगे और नौनिहाल कैसे शिक्षा पाएंगे, ये बड़ा प्रश्न है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई तो प्रशिक्षित सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। विरोध जताने वालों में पवन मुस्युनी, सुधांशु जौहरी, केवल प्रसाद, दिव्या तिवारी, कविता गैङा, मनीषा खनका, कोमल कांडपाल,सौरभ कांडपाल,सुशील कुमार, आदि मौजूद थे।
दिशा—निर्देशों पर चले प्रशिक्षित, शासन ने दिखा दिया ठेंगा !
संगठन के पदाधिकारी केवल प्रसाद ने बताया संगठन के बैनर तले देहरादून में 24 फरवरी से 16 मार्च तक 2020 धरना दिया गया था। किंतु शासन—प्रशासन के नुमाइंदों ने उन्हें कोविड—19 के तहत चल रहे लॉक डाउन का हवाला देते हुए नोटिस थमा दिया। जिस पर सभी प्रशिक्षितों ने शासन के निर्देशों का अनुपालन किया और अपने—अपने घरों को लौट गये। इसके बावजूद शासन ने उनकी आज की तारीख तक कोई सुध नही ली है।