HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा की बेटी आराधना चिलवाल ने किया गौरवान्वित, ARS परीक्षा उत्तीर्ण

अल्मोड़ा की बेटी आराधना चिलवाल ने किया गौरवान्वित, ARS परीक्षा उत्तीर्ण

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✒️ सस्य विज्ञान (एग्रोनोमी) शाखा में पूरे भारतवर्ष में एकमात्र चयनित बालिका

आराधना चिलवाल की सफलता की कहानी/Success Story of Aradhana Chilwal : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद Indian Council of Agricultural Research (ICAR) द्वारा नेशनल लेवल पर आयोजित कृषि वैज्ञानिक परीक्षा Agricultural Scientist Examination (ARS) में सस्य विज्ञान (एग्रोनोमी/Agronomy) शाखा में पूरे भारतवर्ष में एकमात्र कुमारी आराधना चिलवाल का चयन हुआ है। आराधना उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाली है। उनके चयन पर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।

उल्लेखनीय है कि विगत 12 जनवरी 2023 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) द्वारा राष्ट्रीय स्तर की कृषि वैज्ञानिक परीक्षा (ए.आर.एस.) का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें सस्य विज्ञान (एग्रोनोमी) शाखा में पूरे भारतवर्ष में एकमात्र चयनित बालिका कुमारी आराधना चिलवाल ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

जानिए कौन हैं आराधना चिलवाल

आराधना उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में दुगालखोला मोहल्ले की निवासी हैं। आराधना के पिता प्रताप सिंह चिलवाल, अल्मोड़ा राजस्व विभाग में सदर से ख्यातिप्राप्त सेवानिवृत्त तहसीलदार पद से रिटायर्ड हैं, वहीं माता जी एक कुशल गृहिणी हैं। आराधना की बड़ी बहन श्रीमती उपासना चिलवाल बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) में सीनियर मैनेजर के पद पर मुम्बई हैड ऑफिस (Mumbai Head Office) में सेवारत हैं।

आराधना की शिक्षा-दिक्षा

आराधना की विद्यालयी शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा (Army Public School Almora) से हुई। खास बात यह है कि आराधना बचनपन से ही बहुत ही होनहार छात्रा रही है। उसने 10वीं और 12वीं कक्षा में भी अल्मोड़ा जनपद टॉप किया था। साथ ही इन्हें सी.बी.एस.सी. द्वारा अंग्रेज़ी विषय में उत्कृष्टता पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्नातक एवं स्नातकोत्तर के दौरान पंतनगर यूनिवर्सिटी में भी आराधना ने अपने हुनर और मेहनत का परचम लहराते हुए प्रत्येक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कायम रखा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) द्वारा एस.आर.एफ. तथा डी.एस.टी. इंस्पायर फ़ेलोशिप से सम्मानित होने के बाद उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (Punjab Agricultural University) से पीएचडी पूर्ण की।

गदगद हैं गुरूजन, अराधना ने इनको दिया सफलता का श्रेय

पंतनगर यूनिवर्सिटी में आराधना के एडवाइजर रहे डॉ. एस.पी. सिंह तथा पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के गाइड डॉ. वीरेंदर सरदाना ने बताया कि आराधना आज तक की उनकी सर्वश्रेष्ठ शिष्या रहीं हैं और उनके इस सफलता से पूरा पंतनगर परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इधर आराधना ने बताया कि उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय में ही अपने इस ख्वाब की नींव स्नातक के शुरुआत में ही रख ली थी। आराधना ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, अपने ईष्ट देव एवं मित्रजनों को दिया है।

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Deepak Manral
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तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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