सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
यहां मल्ला महल (कलेक्ट्रेट परिसर) में चल रहे निर्माण एवं संरक्षण कार्य के विरोध के दौरान गुरुवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार कलेक्ट्रेट में धरना देने पहुंचे पहुंचे लोगों के अग्रणी नेता गिरफ्तार कर लिया गया। जिसमें नगर के प्रथम नागरिक एवं पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी व उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी समेत दर्जन भर के करीब लोग शामिल हैं। इससे तमाम संगठनों में जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश की ज्वाला फैल गई है।
हुआ यूं कि लंबे समय से कई संगठनों के लोग ऐतिहासिक मल्ला महल में चल रहे संरक्षण कार्य का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि 500 वर्षों से कुमाऊं के चन्द राजाओं, गोरखाओं, अंग्रेजों व आजाद भारत की प्रशासनिक व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड जन आन्दोलन का केन्द्र रहे मल्ला महल में गुपचुप तरीके से मनमाना निर्माण किया जा रहा है। इसमें न तो जनता को विश्वास में लिया और न ही जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिया गया। यह आरोप है कि करोड़ों रूपये खर्चने के बावजूद कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए कई सामाजिक व राजनैतिक जन संगठनों द्वारा सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर बचाओ संघर्ष समिति गठित की गई। चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट में दोपहर 12 बजे से धरना प्रस्तावित था।
गुरुवार को जैसे ही आज दोपहर संघर्ष समिति के लोग कलेक्ट्रेट धरने पर पहुंचे, तो प्रशासन की तरफ से एसडीएम सीमा विश्वकर्मा मौके पर पहुंची और उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने से मनाही की। लेकिन संघर्ष समिति वहां से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार इस मामले में पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, आनंदी वर्मा, जनवादी महिला संगठन की नेता एवं पूर्व सभासद राधा नेगी, दिनेश पांडे, वंदना, किरन आर्या, गोपाल राम आदि की गिरफ्तारी हुई है। इधर कांग्रेस समेत विभिन्न संगठनों ने यहां गांधी पार्क के समीप जबर्दस्त नारेबाजी करते हुए इस गिरफ्तारी का जबर्दस्त विरोध किया। जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा गुस्सा उगला।


