रामनगर : कृषि सुधार कानून किसानों के साथ छलावा – प्रभात ध्यानी
रामनगर। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने भाजपा की मोदी सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी तथा आय दुगनी करने के नाम पर जो तीन कृषि कानून बनाए गए हैं उनकी असलियत सामने आने पर मोदी सरकार, योगी सरकार, त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि कृषि सुधारों के नाम लाए गए ये कानून अन्नदाता के साथ धोखा है। ये कृषि कानून अपने पंच प्यारों कम्पनियों, पूंजीपतियों, कॉर्पोरेट घरानों, मिल मालिकों, कालाबाजारी को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा है कि कृषि सुधार कानूनों की की असलियत, पोल इतनी जल्दी खुल जाएगी इसका अहसास मोदी सरकार को भी नहीं होगा। इन कानूनों को लेकर विरोध कर रहें किसानों के आंदोलन को मोदी सरकार, भाजपा व गोदी मीडिया द्वारा राजनैतिक दलों का आंदोलन बता कर भ्रमित करने की कोशिश की गई। लेकिन किसानों को अपनी उपज धान खरीद पर जिस तरह से परेशानी का सामना करना पड़ा है, न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रूपया प्रति कुन्तल नहीं मिल रहा है उससे किसानों को अच्छी तरह से समझ में आ गया है कि मोदी सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के नाम पर जो कृषि कानूनों में जो सुधार किया गया है वह मात्र छलावा है।
प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि सरकार ने नाम मात्र के लिए धान क्रय खरीद केंद्र खोले गए है जहां पर केवल प्रभावशाली किसानों के ही धान की तोल प्रथिमिकता से की जा रही है। बाकी किसानों का धान मोदी सरकार, योगी सरकार, त्रिवेंद्र रावत सरकार, भाजपा के मित्रों, मिल मालिकों, पूंजीपतियों, कालाबाजारी करने वालों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य से बहुत ही कम मूल्य 1200 से 1400 रूपए खरीदा जा रहा है। उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने किसानों से आह्वान किया की शोषण के खिलाफ़ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज करें तथा किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर कर भागीदारी करें।
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