HomeUttarakhandNainitalरामनगर : कृषि सुधार कानून किसानों के साथ छलावा - प्रभात ध्यानी

रामनगर : कृषि सुधार कानून किसानों के साथ छलावा – प्रभात ध्यानी

₹120 के मोबाइल कवर पर SDM का कहर? डिलीवरी बॉय को जेल!

₹120 के मोबाइल कवर पर SDM का कहर?

डिलीवरी बॉय को जेल भेजने का VIDEO हुआ वायरल! पूरी कहानी देखें।

▶ Watch on YouTube

रामनगर। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने भाजपा की मोदी सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी तथा आय दुगनी करने के नाम पर जो तीन कृषि कानून बनाए गए हैं उनकी असलियत सामने आने पर मोदी सरकार, योगी सरकार, त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि कृषि सुधारों के नाम लाए गए ये कानून अन्नदाता के साथ धोखा है। ये कृषि कानून अपने पंच प्यारों कम्पनियों, पूंजीपतियों, कॉर्पोरेट घरानों, मिल मालिकों, कालाबाजारी को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए।

ADVERTISEMENTS

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा है कि कृषि सुधार कानूनों की की असलियत, पोल इतनी जल्दी खुल जाएगी इसका अहसास मोदी सरकार को भी नहीं होगा। इन कानूनों को लेकर विरोध कर रहें किसानों के आंदोलन को मोदी सरकार, भाजपा व गोदी मीडिया द्वारा राजनैतिक दलों का आंदोलन बता कर भ्रमित करने की कोशिश की गई। लेकिन किसानों को अपनी उपज धान खरीद पर जिस तरह से परेशानी का सामना करना पड़ा है, न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रूपया प्रति कुन्तल नहीं मिल रहा है उससे किसानों को अच्छी तरह से समझ में आ गया है कि मोदी सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के नाम पर जो कृषि कानूनों में जो सुधार किया गया है वह मात्र छलावा है।

हल्द्वानी : हैड़ाखान खनस्यू मार्ग पर पिकअप खाई में समाई, चंपावत निवासी एक व्यक्ति की मौत, दूसरा गंभीर

प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि सरकार ने नाम मात्र के लिए धान क्रय खरीद केंद्र खोले गए है जहां पर केवल प्रभावशाली किसानों के ही धान की तोल प्रथिमिकता से की जा रही है। बाकी किसानों का धान मोदी सरकार, योगी सरकार, त्रिवेंद्र रावत सरकार, भाजपा के मित्रों, मिल मालिकों, पूंजीपतियों, कालाबाजारी करने वालों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य से बहुत ही कम मूल्य 1200 से 1400 रूपए खरीदा जा रहा है। उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने किसानों से आह्वान किया की शोषण के खिलाफ़ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज करें तथा किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर कर भागीदारी करें।

रामनगर : कांग्रेस ने मनाया महिला एवं दलित उत्पीड़न विरोध दिवस

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments