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Breaking : अल्मोड़ा—हल्द्वानी एनएच पर घंटों जाम में फंसे रहे यात्री, भारी फजीहत

सीएनई रिपोर्टर सुयालबाड़ी/गरमपानी

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अल्मोड़ा—हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में दीपावली पर्व मना घर लौट रहे वाहन चालकों को आज जाम के चलते भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। लगभग 04 से 05 घंटे तक लगे जाम में सैकड़ों यात्री जहां—तहां फंसे रहे।

उल्लेखनीय है कि 17 से 19 अक्टूबर तक हुई अतिवृष्टि के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग में जगह—जगह पहाड़ टूटने से मलबा आ गया। भारी पत्थरों की बरसात हुई और कई स्थानों पर सड़क धंस गई। इसके बावजूद संबंधित विभाग व निर्माण कंपनी लगातार मलबा हटाते रहे और यातायात को सुचारू बनाये रखा। गत दिनों निर्णय लिया गया था कि 7 से 10 अक्टूबर तक खैरना—काकड़ीघाट मार्ग मलबा हटाने के कार्य को संपन्न करने के लिए बंद कर दिया जायेगा, किंतु विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान के हस्तक्षेप के बाद यह फैसला वापस लेना पड़ा। अब तय हुआ है कि यह मार्ग 11 से 14 नवंबर तक बंद रहेगा। हालांकि दीपावली पर्व के दौरान हल्द्वानी—अल्मोड़ा रूट पर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित ना हो इस उद्देश्य से मार्ग को 10 नवंबर तक खुले रखने का फैसला लिया गया है।

इस बीच पहाड़ों पर दीपावली, गोवर्धन पूजा और भइया दूज पर्व मना कर लौट रहे यात्रियों की वाहनों की भारी आवाजाही आज रविवार को इस हाईवे पर देखी गई। एक तो खस्ताहाल सड़क, ऊपर से सैकड़ों वाहनों का रेला। जिस कारण सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गई और रातीघाट से कैंची तथा कैंची से गरमपानी तक करीब 04 से 05 घंटे तक लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद शाम करीब 6 बजे के करीब जाम को खुलवाया गया। तब कहीं जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

इधर जाम में फंसे यात्रियों व वाहन चालकों का कहना था कि पूरे मार्ग में वाहनों के काफिले के चलते सरक—सरक कर ही वाहन चलाना पड़ रहा है। जिस कारण अल्मोड़ा से हल्द्वानी तक का ढ़ाई घंटे का सफर लगभग 7 से 8 घंटे में पूरा होगा। वहीं कई लोगों का कहना था कि प्रशासन ने सड़क की स्थिति सामान्य होने तक यात्री बस, ट्रक जैसे भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित ​करना चाहिए। यदि भारी वाहनों की आवाजाही इस रूट पर कुछ समय के लिए रोक दी जाये तो जाम के हालात पैदा नहीं होंगे।

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Deepak Manral
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तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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