खास खबर : आरोग्य सेतु एप की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिहृन, एप सही तो डाक्टरों की मेहनत बेकार, एप का प्रचार-प्रसार भी कठघरे में

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क्रिएटिव न्यूज एक्सप्रेस ब्यूरो

हल्द्वानी। पहले सितारगंज और अब मोटाहल्दू क्षेत्र में आरोग्य सेतु एप ने लोगों की जान हलक में फंसा रखी है। इससे सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करके इस एप का किए गए प्रचार प्रसार पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। अब स्वारस्थ्य विभाग से जुड़े लोग भी कहने लगे हैं कि यदि एप के माध्यम से ही कोरोना संक्रमित ढूंढे जा सकते हैं तो लाखों डाक्टरों व मेडिकल स्टाफ द्वारा दिन रात की जा रही मेहनत बेकार है।


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हम आपको बता दें कि चार दिन पहले सितारगंज क्षेत्र में आरोग्य सेतु एप ने एक कोरोना संक्रमित को आसपास दिखाया था। इसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। कल सुबह नैनीताल के मोटाहल्दू क्षेत्र में भी आरोग्य सेतु एप ने एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति को आसपास के क्षेत्र में दिखाना शुरू कर दिया। आज भी एप में कोरोना संक्रमित व्यक्ति कभी एक किमी तो कभी दो किमी के दायरे में दिखाई पड़ रहा है। इस मामले में ​जनपद की डिप्टी सीएमओ डा. रश्मि पंत से सीएनई ने बात की तो उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन को अवगत कराया है और अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई है।

हालांकि स्वास्थ्य महकमे से जुड़े कई अन्य लोगों ने एप की विश्सनीयता पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनका कहना है कि यूजर्स द्वारा स्वयं ही भरी गई जानकारी के आधार पर एप काम करता है। ऐेसे में एप पर आखें मूंद कर विश्वास करना कठिन है। उनका यह भी कहना है प्री ​फीडेड एप पर एकदम शत प्रतिशत विश्वास करना कठिन है।

जिस इलाके में एप कोरोना संक्रमित दिखा रहा है वहां गहनता से छानबीन की जा चुकी है और यदि एप ही सही जानकारी दे सकता था तो लाखों चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ की मेहनत बेकार ही है।उत्तराखंड में दो मामले आने के बाद सरकार की उस मुहीम पर ही सवालिया निशान लगने लगे हैं जिसमें लाखों करोड़ों रुपये खर्च करके एप का प्रचार प्रसार किया गया था।

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