ए. आर. रहमान के संगीत में मिली जगह
‘कल्कि 2898 AD’ सहित कई बड़ी फिल्मों में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका
सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़। उत्तराखंड की प्रतिभाएं आज देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ के युवा संगीतकार, गायक और म्यूज़िक प्रोड्यूसर मयंक कापड़ी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर जिले और पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। विश्वविख्यात संगीतकार ए. आर. रहमान के संगीत निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ के चर्चित गीत “Suri’s Lament” के कन्नड़ संस्करण में मयंक ने अपनी मधुर आवाज़ दी है। यह उपलब्धि न केवल उनके संगीत सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि उत्तराखंड की उभरती प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा का विषय है।
फिल्म ‘पेद्दी’ इस वर्ष की सबसे चर्चित और बड़े बजट की फिल्मों में शामिल है। इसमें विश्वप्रसिद्ध अभिनेता राम चरण मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनके साथ दिग्गज अभिनेता शिवराजकुमार, अभिनेत्री जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु शर्मा और बोमन ईरानी जैसे प्रतिष्ठित कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक बूची बाबू सना ने किया है, जिन्होंने इससे पहले सुपरहिट और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्म ‘उप्पेना’ का निर्देशन किया था। तेलुगु में निर्मित इस फिल्म को हिंदी, कन्नड़, तमिल और मलयालम सहित कई भाषाओं में रिलीज़ किया गया है। मयंक कापड़ी ने इसके कन्नड़ संस्करण के लिए अपनी आवाज़ देकर इस बहुभाषी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त किया है।

यह पहली बार नहीं है जब मयंक ने ए. आर. रहमान जैसे महान संगीतकार के साथ काम किया हो। इससे पूर्व भी वे रहमान के संगीत निर्देशन में कई प्रतिष्ठित फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का हिस्सा रह चुके हैं। इनमें विश्वप्रसिद्ध ‘एवेंजर्स’ परियोजना से जुड़ा उनका कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। इसके अलावा भारत की सबसे बड़े बजट की फिल्मों में शुमार ‘कल्कि 2898 AD’ में उन्होंने दक्षिण भारत के चर्चित गायकों के साथ पांच भाषाओं में दो गीत गाए। इतना ही नहीं, फिल्म के संगीतकार संतोष नारायणन के साथ उन्होंने फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया।
वर्तमान में चेन्नई में रह रहे मयंक कापड़ी दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कंपोज़र, म्यूज़िक प्रोड्यूसर, प्लेबैक सिंगर और परफ़ॉर्मर के रूप में लगातार सक्रिय हैं। फिल्मों में पार्श्वगायन के साथ-साथ वे अनेक शॉर्ट फिल्मों, विज्ञापनों और स्वतंत्र संगीत परियोजनाओं के लिए भी संगीत तैयार कर चुके हैं। वर्तमान में भी वे कई महत्वपूर्ण फिल्म और संगीत प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहे हैं, जिनसे संगीत जगत को उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।
संगीत की दुनिया में अपनी व्यस्तता के बावजूद मयंक नई पीढ़ी को संगीत से जोड़ने के लिए भी समर्पित हैं। अपने साथी संगीतकारों के साथ मिलकर वे ‘ऑडियो स्कल्प्टर्स एकेडमी’ का संचालन कर रहे हैं, जहां शुरुआती स्तर से लेकर उन्नत स्तर तक विद्यार्थियों को म्यूज़िक मेकिंग, कंपोज़िशन, रिकॉर्डिंग और म्यूज़िक प्रोडक्शन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण संगीत शिक्षा के माध्यम से देशभर के युवा अपनी रचनात्मक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
मयंक कापड़ी अपनी जन्मभूमि पिथौरागढ़ से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं। उनका कहना है कि वे अपने संगीत और अनुभव के माध्यम से भविष्य में उत्तराखंड, विशेषकर पिथौरागढ़ की सांस्कृतिक और संगीत प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सार्थक प्रयास करना चाहते हैं। उनकी यह सोच उन्हें केवल एक सफल कलाकार ही नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी से जुड़े संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में भी स्थापित करती है।
मयंक की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से उनका पूरा परिवार गर्व का अनुभव कर रहा है। उनके पिता जगदीश चन्द्र कापड़ी प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती इंद्रा कापड़ी हाल ही में प्राथमिक विद्यालय कुसौली से प्रधानाध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। उनकी बहन डॉ. वर्षा कापड़ी वर्तमान में जिला चिकित्सालय में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। परिवार सहित पूरे पिथौरागढ़ और उत्तराखंड के लोगों ने मयंक की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
संगीत के वैश्विक मंच पर लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे मयंक कापड़ी आज उत्तराखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभा के साथ समर्पण, निरंतर अभ्यास और बड़े सपने देखने का साहस हो, तो हिमालय की वादियों से निकलकर भी विश्व संगीत जगत में अपनी पहचान स्थापित की जा सकती है।


