तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग
ग्रामीणों की सुरक्षा पर मंडरा रहा संकट
सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़। जनपद के देवलथल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उड़ाई (ल्यूनागांव) में तीन दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश के बाद शुरू हुआ भूकटाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रही वर्षा के कारण प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा कम होने के बजाय और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो प्रभावी सुरक्षा उपाय किए गए हैं और न ही जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार अत्यधिक वर्षा के चलते प्रकाश पाण्डेय, सुरेश चंद्र पाण्डेय और बंशीधर पाण्डेय के मकानों के पीछे की सुरक्षा दीवार और भूमि भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। पहाड़ी से लगातार मलबा खिसककर घरों तक पहुंच रहा है, जिससे मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचने और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश जारी रहने के कारण भूस्खलन का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है और स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
पेयजल व्यवस्था भी ठप, बड़ी दरारों से बढ़ा खतरा
भूस्खलन के चलते गांव की पेयजल पाइप लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे कई घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है।
इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र की भूमि में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इन दरारों के भीतर लगातार वर्षा का पानी समा रहा है, जिससे भूमि और अधिक कमजोर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो गांव के अन्य मकान भी खतरे की जद में आ सकते हैं।
रात-दिन पहरा दे रहे ग्रामीण, लेकिन नहीं पहुंची राहत टीम
डरे-सहमे ग्रामीण अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर रात-दिन निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक किसी भी आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया है। प्रभावित परिवारों के अनुसार प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस जमीनी सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी लगाई गुहार, फिर भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक वहां से भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। इससे प्रभावित परिवारों में निराशा बढ़ती जा रही है।
गांव के लोगों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल भूकटाव रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराने, प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने तथा स्थायी भू-सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है तथा जन-धन की बड़ी हानि होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


