डीएलएसए और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का संयुक्त कार्यक्रम
समापन पर किया गया वृक्षारोपण
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) अल्मोड़ा एवं उत्तराखंड पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बियरशिबा स्कूल, अल्मोड़ा में मानव तस्करी (एंटी ट्रैफिकिंग) के विरुद्ध एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, बाल सुरक्षा तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था, ताकि वे स्वयं सतर्क रहकर समाज में भी सुरक्षा संबंधी जागरूकता का प्रसार कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री अनामिका सिंह उपस्थित रहीं। उनके साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की एसआई श्रीमती बीना दौसाद, लॉ इंटर्न अनिशी सिंह, सारिक हुसैन तथा श्री साकेत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
वक्ताओं ने मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों, इसके सामाजिक एवं आर्थिक कारणों, संभावित खतरों तथा इससे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी केवल रोजगार या विवाह के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए गंभीर चुनौती है, जिससे सतर्कता और जागरूकता के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वक्ताओं ने उन्हें अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क करने में सावधानी बरतने, किसी भी प्रकार के लालच या बहकावे में न आने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।
श्री साकेत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार, सतर्क एवं सजग नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बियरशिबा स्कूल की अकादमिक डायरेक्टर श्रीमती दीपिका विल्सन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से वक्ताओं द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
स्कूल के उपप्रधानाचार्य हरीश कांडपाल ने भी विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, सजग एवं सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस से तत्काल संपर्क करना चाहिए।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दूर की जिज्ञासाएं
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। उन्होंने मानव तस्करी, साइबर सुरक्षा तथा व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन स्कूल की छात्रा लक्षा जोशी ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
जागरूकता कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बियरशिबा स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विद्यालय प्रशासन ने जताया आभार
अंत में बियरशिबा स्कूल प्रशासन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। स्कूल प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान विद्यार्थियों में सुरक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



