जिंदगी, क्या भरोसा: पसीना आया, घबराहट हुई और मौत

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पसीना आया, घबराहट हुई और मौत
प्रतीक चित्र :पसीना आया, घबराहट हुई और मौत

अपना जतन करें, मौत बता कर नहीं आती

सीएनई रिपोर्टर, कपकोट। जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी कभी-कभी एक पल से भी कम होती है। कपकोट (बागेश्वर) में एक स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने 46 वर्षीय मोहन राम के परिवार और क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।


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मिली जानकारी के अनुसार लीली निवासी मोहन राम किसी काम से कपकोट आ रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बेहद खराब हो गई और उन्हें बेतहाशा पसीना आने लगा, जिसके साथ उन्हें तेज घबराहट महसूस हुई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन अस्पताल के भीतर कदम रखने से पहले ही उनका जीवन समाप्त हो गया।

यह हृदय विदारक घटना बताती है कि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति (Medical Emergency) में एक-एक सेकंड कितना कीमती होता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि इस असामान्य और आकस्मिक मौत के पीछे के वास्तविक चिकित्सा कारणों का पता चल सके।


रास्ते में बिगड़ी तबियत: घबराहट और पसीना आने के बाद नहीं मिली सांस लेने की मोहलत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लीली गांव के निवासी 46 वर्षीय मोहन राम पुत्र लक्ष्म राम मंगलवार की सुबह किसी आवश्यक कार्य से अपने घर से कपकोट कस्बे की ओर आ रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी सेहत बिगड़नी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोहन राम को अत्यधिक पसीना आ रहा था और वह असहज महसूस कर रहे थे, जो किसी गंभीर अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर रहा था।

यह देखते ही आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों ने बिना वक्त गंवाए मानवता का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत मोहन राम को संभाला और तेजी से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कपकोट पहुंचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। स्वास्थ्य केंद्र में इलाज शुरू होने से पहले ही, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई।

पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

इस दुखद घटना की सूचना तत्काल कपकोट पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कपकोट, प्रताप सिंह नगरकोटी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।

थानाध्यक्ष नगरकोटी ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक मोहन राम की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि “मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हार्ट अटैक का मामला था या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल।” पुलिस फिलहाल मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

इस आकस्मिक मौत ने पूरे कपकोट क्षेत्र में एक गहन चिंता पैदा कर दी है, विशेषकर कम उम्र में हो रही अचानक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर।

ज्ञात रहे कि अचानक पसीना आना और मौत का संबंध अक्सर हार्ट अटैक (दिल का दौरा), पैनिक अटैक (घबराहट का दौरा), या गंभीर संक्रमण (जैसे सेप्सिस) से हो सकता है, जो जानलेवा हो सकते हैं; डॉक्टर इसे Heart Attack (दिल का दौरा), Heart Failure (हृदय विफलता), Panic Attack (घबराहट का दौरा), या Sepsis (सेप्सिस) जैसी गंभीर स्थितियों के लक्षण मानते हैं, खासकर जब इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, या चक्कर आना जैसे लक्षण हों, और तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की ज़रूरत होती है।

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