HomeUttarakhandNainitalस्टोन क्रेशर लगाये जाने पर भड़के ग्रामीण, डीएम से की शिकायत

स्टोन क्रेशर लगाये जाने पर भड़के ग्रामीण, डीएम से की शिकायत

👉 कहा ग्राम सभा की बगैर अनुमति भारी मशीनों से चल रहा काम

👉 सारे मानकों व जन परेशानियों की अनदेखी का आरोप

CNE गरमपानी/बेतालघाट/स्टोन क्रेशर का विरोध : विकासखंड बेतालघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरनी के बढेरी में लगने जा रहे स्टोन क्रेशर के निर्माण पर ग्रामीणों ने तीव्र रोष व्यक्त किया है। आरोप है कि इसके लिए ग्राम सभा की अनुमति तक नहीं ली गई है। साथ ही गांव को जाने वाले सीसी मार्ग व ग्रामीणों की उपजाऊ भूमि को भारी भरकम मशीनें लगा ध्वस्त किया जा रहा है।

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दरअसल, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बयां की है। यहां लगने जा रहे स्टोन क्रेशर का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत खैरने के बढेरी में पूरी तरह अनाधिकृत रूप से काम चल रहा है। ग्राम सभा की बगैर अनुमति के यहां स्टोन क्रेशर लगाये जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत का सीसी मार्ग, ग्रामीणों की नाप व उपजाऊ भूमि व रास्ते को ध्वस्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के समक्ष यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस मानक के तहत यहां स्टोन क्रेशर लगाया जा रहा है। इसके लिए पंचायत की एनओसी क्यों नहीं ली गई तथा आबादी के बीचोंबीच स्टोन क्रेशर किस मानक के तहत स्थापित किया जा रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से स्टोन क्रेशर की दूर मात्र 600 मीटर है। जिससे बच्चों की पढ़ाई क्रेशर व भारी—भरमक मशीनों के शोर की वजह से प्रभातिव होगी। यही नहीं, क्रेशर की धूल से बच्चों का स्वास्थ्य भी खराब होगा।

उन्होंने डीमए से कहा कि आबादी वाला क्षेत्र होने के बावजूद आये दिन यहां डंपरों की आवाजाही रहेगी। क्रेशर की धूल से जहां लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा, वहीं फसल भी चौपट हो जायेगी। धूल व प्रदूषण के चलते अस्थमा आदि के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि बढेरी में स्थापित शिव मंदिर की भी इस क्रेशर से दूरी महज 400 मीटर है। श्रावण मास में यहां श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। क्रेशर की ध्वनि से धूल, डंपरों की आवाजाही से कथा श्रवण में व्यवधान उत्पन्न होगा। कोसी नदी का पानी भी प्रदूषित हो जायेगा और यहां बने पुल को भी भारी वाहनों की आवाजाही से खतरा उत्पन्न हो जायेगा। क्रेशर से आने वाली गंदगी से जल जनित रोग फैल जायेंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि समझने वाली बात तो यह है कि स्टोन क्रेशर के लिए एन्वायरमैंट इमपैक्ट असेसमेंट से अथोरिटी से भी अनुमति शायद नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे—समझे भारी मशीनों से पहाड़ खोदे जा रहे हैं। जिसमें किसानों के अलावा सरकारी भूमि तक का कटान कर दिया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।

ज्ञापन में कमला देवी, गीता, नीमा देवी, प्रेमा देवी, चंपा देवी, कमला देवी, दीपा देवी, बीना देवी, पदम सिंह, कमला देवी, सरिता देवी, ज्योति देवी, भावना देवी, हंसी देवी सहित खैरनी के तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

अब यहां मॉस्क पहनना अनिवार्य, जारी हुए निर्देश

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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