निरीक्षण रिपोर्ट आगे बढ़ाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
CNE REPORTER, बागेश्वर। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच शुक्रवार को बागेश्वर जिले से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने उरेडा (UREDA) के परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने हल्द्वानी स्थित विजिलेंस सेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके सोलर प्लांटों से संबंधित संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट लंबे समय से लंबित पड़ी हुई है। आरोप था कि संबंधित परियोजना अधिकारी प्रत्येक फाइल को आगे बढ़ाने और रिपोर्ट जारी करने के एवज में 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।

बताया गया कि शिकायतकर्ता की कुल चार फाइलें कार्यालय में लंबित थीं और उन्हें निस्तारित करने के लिए आरोपी अधिकारी ने कुल 40 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत न देने पर फाइलों को जानबूझकर रोके रखने का भी आरोप लगाया गया।
शिकायत सही मिलने पर विजिलेंस ने बनाई ट्रैप टीम
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी के निर्देश पर विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
टीम ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता के माध्यम से आरोपी अधिकारी तक रिश्वत की रकम पहुंचाने की रणनीति बनाई और पूरी कार्रवाई पर निगरानी रखी गई।
रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ परियोजना अधिकारी
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने बागेश्वर स्थित उरेडा कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत सौंपी, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल मूल रूप से राजनगर, पीरूमदारा (रामनगर), जनपद नैनीताल का निवासी है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
विजिलेंस की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना तत्काल सतर्कता अधिष्ठान को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



