HomeUttarakhandAlmoraदेश के सर्वश्रेष्ठ औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह का अल्मोड़ा में भव्य सम्मान

देश के सर्वश्रेष्ठ औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह का अल्मोड़ा में भव्य सम्मान

नई नियमावलियों और साइकोट्रॉपिक दवाओं पर हुई गहन चर्चा

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। औषधि व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों, बदलते नियम-कायदों और दवाओं की बिक्री एवं रखरखाव में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर कसार देवी, अल्मोड़ा में औषधि नियंत्रण विभाग एवं उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में वृहद सेमिनार आयोजित किया गया। प्रदेशभर से पहुंचे औषधि निरीक्षकों और दवा कारोबारियों ने इसमें अपने अनुभव साझा किए और व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर खुलकर मंथन किया।

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कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण उत्तराखंड के औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह को देश का सर्वश्रेष्ठ औषधि नियंत्रक चुने जाने पर सम्मानित किया जाना रहा। इसके अलावा प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ औषधि निरीक्षक चुने गए नीरज कुमार एवं अनिता भारती को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

सेमिनार में मुख्य अतिथि अपर आयुक्त एवं औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह रहे। डिप्टी औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की, जबकि सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर कुमार, सीनियर औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट एवं नीरज कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी ने की। संचालन महासंघ के प्रदेश महामंत्री अमित गर्ग एवं संगठन मंत्री जनक जोशी ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। अल्मोड़ा और बागेश्वर की औषधि निरीक्षक पूजा जोशी एवं पूजा रानी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से पहुंचे औषधि निरीक्षक पंकज पंत, हर्षिता, शुभम कोटनाला, निधि शर्मा, अर्चना उप्पल एवं निशा रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नियमावलियों और दवा कारोबार की चुनौतियों पर चर्चा

सेमिनार के दौरान दवा कारोबार से संबंधित नई नियमावलियों, निरीक्षण प्रक्रिया और व्यवसायियों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सीनियर औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, मीनाक्षी बिष्ट तथा सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर कुमार ने विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने दवा व्यवसाय में नियमों के अनुपालन, अभिलेखों के उचित रखरखाव तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डिप्टी औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने ड्रग एक्ट के प्रावधानों और साइकोट्रॉपिक दवाओं के सुरक्षित एवं नियमानुसार रखरखाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसी दवाओं के मामले में नियमों की जानकारी और उनका अनुपालन बेहद महत्वपूर्ण है।

इस दौरान विभिन्न जिलों से आए औषधि निरीक्षकों ने निरीक्षण के दौरान सामने आए अनुभव और संस्मरण भी साझा किए। इससे सेमिनार में मौजूद दवा कारोबारियों को विभागीय निरीक्षण की प्रक्रिया और नियमों के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला।

ऑनलाइन दवा बिक्री के दुष्परिणामों पर भी चिंता

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए दवा कारोबार से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और इसके संभावित दुष्परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दवा केवल सामान्य बाजारू वस्तु नहीं है, बल्कि सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में इसकी बिक्री और वितरण में निर्धारित मानकों तथा जिम्मेदार कारोबारी परंपराओं का पालन आवश्यक है।

उन्होंने औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा दवा व्यवसायियों को जागरूक करने और उनकी समस्याओं के समाधान में दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

सभी 13 जिलों से पहुंचे दवा कारोबारी

सेमिनार में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से औषधि व्यवसायी महासंघ के पदाधिकारी शामिल हुए। गढ़वाल संभाग के उपाध्यक्ष प्रेम पुरोहित, संगठन मंत्री माधव जोशी, कुमाऊं संभाग के उपाध्यक्ष भुवन जोशी सहित विभिन्न जिलों के अध्यक्ष एवं महामंत्री मौजूद रहे। बड़ी संख्या में दवा कारोबारियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

‘स्वास्थ्य परंपरा’ कायम रखने का आह्वान

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि एवं औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह ने दवा विक्रेताओं से व्यवसाय में स्वस्थ एवं जिम्मेदार परंपराओं का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दवा व्यवसाय सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक दवा विक्रेता की जिम्मेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के हित और स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ी है।

उन्होंने संयुक्त रूप से आयोजित किए गए इस सेमिनार की सराहना करते हुए कहा कि औषधि नियंत्रण विभाग और औषधि व्यवसायी महासंघ के बीच इस प्रकार की कार्यशालाएं एवं संवाद कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। ऐसे आयोजन दवा कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विभाग और व्यवसायियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजन में इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष वर्मा, सचिव गिरीश उप्रेती, कोषाध्यक्ष राघव पंत, जिला महामंत्री प्रमोद जोशी, जिला उपाध्यक्ष आर.पी. पांडेय, जिला कोषाध्यक्ष कस्तूरी लाल, गगन जोशी, दीप वर्मा, चंदन बिष्ट, जीतू वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंत में उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के प्रदेश महामंत्री अमित गर्ग ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों एवं प्रतिभागी दवा कारोबारियों का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ सेमिनार के समापन की घोषणा की गई।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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