Someshwar/Almora: साईं नदी का बढ़ता ऊफान बजाने लगा खतरे की घंटी, आवासीय मकानों को खतरा, दन्या व भतरोंजखान में सड़क पर गिरे पेड़, पुलिस की तत्परता से खुले मार्ग
लगातार जारी बरसात ने जनजीवन अस्त—व्यस्त कर डाला है। हर तरफ से नुकसान की सूचनाएं आने लगी हैं। तमाम जगहों खतरे की घंटी बजने लगी है। तीन दिनों से लगातार बारिश के चलते सोमेश्वर क्षेत्र में कोसी की सहायक साईं नदी ऊफान पर है। जिससे किनारे स्थित कई आवासीय मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर दन्या व भतरोंजखान में सड़क पर पेड़ गिरने से सड़क अवरूद्ध हो गई। इन पेड़ों को पुलिस ने हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
लगातार बारिश से साईं नदी के ईद—गिर्द के ग्रामीण भयग्रस्त हैं। यदि अभी बारिश नहीं थमी, तो नुकसान का अंदेशा बना है। नदी किनारे उपजाऊ खेतों को खतरा बना है। पूर्व में क्षेत्र में आपदा से कई गांवों के लोग प्रभावित हो चुके हैं। यही भय की वजह है। शासन—प्रशासन की ओर से आश्वासन तो मिले, मगर मानसून सीजन ने नदी किनारे बचाव के इंतजाम पुख्ता नहीं हो सके। पूर्व में ग्राम रमेलाडूंगरी, नैकाना, चनौली, खाड़ी सुनार, रैत आदि गावों की पैदल पुल भारी बरसात से बह गई थी और आज तक नहीं बन सकी। नदी के आरपार जाना खतरे से खाली नहीं है। इस अनदेखी से जनता में काफी आक्रोश भी है। युवा कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष दिनेश नेगी इस संबंध में शासन—प्रशासन को कई बार ज्ञापन भेजा, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
अल्मोड़ा:थाना दन्या से 04 किलोमीटर की दूरी पर सोनासीलिंग के पास अल्मोड़ा मुख्य मोटरमार्ग में पेड़ गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। दन्या थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पेड़ काटकर हटाया और यातायात बहाल किया। उधर भतरोंजखान से 01 किमी दूरी पर एक चीड़ का पेड़ सड़क पर आ गिरा। जिससे यातायात मार्ग अवरुद्ध हो गया है। सूचना पर भतरोंजखान थाना पुलिस ने मौके पर जाकर वुड कटर मशीन से पेड़ काटा और लोनिवि की जेसीबी मशीन के जरिये इसे हटाया गया। जिससे मार्ग सुचारू हो गया।