शोध, शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृ​ष्ट बनेगा विश्वविद्यालय: पो. सतपाल

👉 सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में नये कुलपति ने संभाला कार्यभार👉 विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए स्पष्ट किया अपना शप्तऋषि मॉडल सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा:…

शोध, शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृ​ष्ट बनेगा विश्वविद्यालय: पो. सतपाल

👉 सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में नये कुलपति ने संभाला कार्यभार
👉 विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए स्पष्ट किया अपना शप्तऋषि मॉडल

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के नये कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने आज विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में पहुंच कर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसके बाद पत्रकारों से मुखाबित होकर उन्होंने अपनी प्राथमिकता के तौर पर सप्तऋषि मॉडल का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को शोध, शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

कुलपति ने यहां एसएसजे परिसर अल्मोड़ा पहुंचकर सर्वप्रथम स्व. सोबन सिंह जीना की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उनके स्वागत में संगीत की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद वह विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां निवर्तमान कुलपति प्रो. जगत सिंह​ बिष्ट समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों व छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें बुकें प्रदान कर स्वागत किया। इसके बाद मंत्रोच्चार व पूजा के साथ उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया। तत्पश्चात पत्रकारों से मुखातिब होकर शप्तऋषि मॉडल के बारे में बताते हुए कुलपति प्रो. बिष्ट ने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को अग्रणी बनाने के प्रयास होंगे। इस मौके पर
निर्वतमान कुलपति प्रो. जगत सिंह बिष्ट, कुलसचिव डाॅ. भाष्कर चौधरी, परीक्षा नियंत्रक डाॅ. मुकेश सामंत, परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
ये है शप्तऋषि मॉडल


1— विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट शोध एवं अकादमिक केंद्र के रूप में स्थापित करना।
2— राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं राज्य सरकार के शासनादेशों के समग्र अध्ययन के उपरांत छात्र केंद्रित पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।
3— विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को डिजिटाइज करते हुए विश्वविद्यालय के कार्य पारदर्शिता एवं तत्परता से अधिनियमों एवं परिनियमों के अनुरूप निष्पादित किए जाएंगे।
4— विश्वविद्यालय के परीक्षा ढांचे को सुधारते हुए छात्रों के परीक्षाफल एवं उपाधियों को तत्परता से उपलब्ध करवाया जाएगा।
5— राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) तथा एनआईआरएफ रैंकिग (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिग फ्रेम वर्क) में विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति को बेहतर करने हेतु इनोवेशन और इनक्यूबेशन की कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित किया जाएगा।
6— छात्रों, कार्मिकों और शिक्षकों की मांगों एवं प्रोन्नति के लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। विश्वविद्यालय के परिसरों में शिक्षक एवं कार्मिकों के समायोजन के लंबित प्रक्रिया को शासन एवं उच्च शिक्षा निदेशालय के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा। परिसरों में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी शीघ्रता से संपन्न कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के आशानुरुप चंपावत परिसर को विकसित किया जाएगा।
7— विश्वविद्यालय में पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत एक दशक से भी अधिक समय से रिक्त शैक्षिक मिनिस्ट्रीरियल एवं तकनीकी कार्मिकों के पदों पर नियमित नियुक्ति कर विश्वविद्यालय में ऊर्जावान शिक्षकों एवं कार्मियों का संयोजन किया जाएगा।