HomeBreaking Newsउत्तराखंड: पुलिस-बदमाशों के बीच तड़ातड़ फायरिंग, गोलियों की गूंज से दहला इलाका

उत्तराखंड: पुलिस-बदमाशों के बीच तड़ातड़ फायरिंग, गोलियों की गूंज से दहला इलाका

शराब पीने से रोकने पर की ग्रामीणों पर की अंधाधुंध फायरिंग

पुलिस की जवाबी कार्रवाई, पैर में गोली लगने के बाद चीख पड़े बदमाश

CNE REPORTER, ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में चार दिन पहले ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर सनसनी फैलाने वाले बिहार के दुस्साहसिक शार्प शूटरों और पुलिस के बीच रविवार रात रोंगटे खड़े कर देने वाली मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरता देख बेखौफ बदमाशों ने पुलिस टीम पर ही सीधे फायर झोंक दिया, जिसमें पुलिस की गाड़ी का शीशा चकनाचूर हो गया। इसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियों की बौछार कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं और वे चीखते हुए जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

ADVERTISEMENTSAd

इस पूरे खूनी खेल और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर वसीम, और उसके दो फरार साथियों अनवर (अनवारूल)आमिर ने ऋषिकेश को दहला कर रख दिया था। वसीम को ग्रामीणों ने घटना के दिन ही दबोच लिया था, जबकि रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल होने वाले शातिर बदमाश आमिर और अनवर (निवासी बिहार) हैं। मजदूरी और कबाड़ के काम की आड़ में छिपे इन शूटरों में से अनवर के खिलाफ बिहार के सीतामढ़ी में पहले से ही हत्या और लूट जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, कैसे शुरू हुआ यह खूनी तांडव:

1. शराब पीने से रोका तो दी सरेआम धमकी

घटना की शुरुआत 4 जून (गुरुवार) को हुई। भट्टोवाला प्लांटेशन के पास सड़क किनारे बैठकर वसीम, अनवर और आमिर खुलेआम शराब पी रहे थे और आपत्तिजनक बातें कर रहे थे। स्थानीय निवासी संजय राणा ने जब देवभूमि की मर्यादा का हवाला देकर उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से टोका, तो तीनों बदमाशों का खून खौल उठा। उन्होंने गाली-गलौज की और ‘अंजाम भुगतने’ की धमकी देकर वहां से निकल गए।

2. एक घंटे बाद लौटे और बरसाईं गोलियां, ग्रामीण घायल

धमकी के ठीक एक घंटे बाद तीनों हैवानों की तरह अवैध हथियारों से लैस होकर वापस लौटे। मुख्य शूटर वसीम ने ग्रामीणों को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस खूनी हमले में मनीष व्यास और जसपाल रावत को गोलियां लगीं और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। इस बीच, ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मुख्य शूटर वसीम को मौके पर ही दबोच लिया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर अनवर और आमिर फरार हो गए।

3. नाकेबंदी तोड़कर भागे बदमाश, पुलिस पर झोंका फायर

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर एसओजी और ऋषिकेश पुलिस इन फरार कातिलों की तलाश में खाक छान रही थी। रविवार रात नटराज चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस को बिना नंबर की बाइक पर मुंह लपेटे दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने रुकने के बजाय बैरियर को जोरदार टक्कर मारी और श्यामपुर की ओर रोंगटे खड़े कर देने वाली रफ्तार से भाग निकले।

4. खांड गांव में पुलिस की घेराबंदी, दनादन चलीं गोलियां

पुलिस और एसओजी की टीमों ने पीछा करते हुए खांड गांव के पास बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को फंसा देख अनवर और आमिर ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिस वाहन के शीशे को चीरती हुई निकल गई। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। पुलिस की दो गोलियां सीधे दोनों बदमाशों के पैरों में धंस गईं और वे लहूलुहान होकर वहीं ढेर हो गए।

5. मजदूरी की आड़ में छिपे थे कातिल, हथियार नेटवर्क का खुलासा

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो चौंकाने वाले राज खुले। ये दोनों बिहार के पेशेवर अपराधी हैं जो ढालवाला में कबाड़ और मजदूरी की आड़ में छिपे हुए थे। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध पिस्टल, एक तमंचा, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की बाइक बरामद की है। इस मुठभेड़ के बाद ग्रामीणों पर हमला करने वाले तीनों आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं, और पुलिस अब इनके ‘हथियार सप्लाई नेटवर्क’ को खंगाल रही है।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments