हल्द्वानी ब्रेकिंग : ओखलढूंगा पंचायत के क्वारेंटाइन सेंटर में संदिग्ध मरीजों ने पी दारू और कर दिया हंगामा, अब मिलेगी सजा

नैनीताल। ग्राम पंचायत ओखालढूंगा में बनाये गये क्वारेन्टाइन केन्द्र में शराब पीकर हंगामा करने वालों लोंगो पर बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। जानकारी देते…

नैनीताल। ग्राम पंचायत ओखालढूंगा में बनाये गये क्वारेन्टाइन केन्द्र में शराब पीकर हंगामा करने वालों लोंगो पर बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। जानकारी देते हुए उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बसंल के आदेशों के क्रम में ग्रामीण क्षत्रों में संस्थागत क्वारेन्टाइन पंचायत भवन तथा सरकारी विद्यालयों में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान ओखलढूंगा विकास खण्ड कोटाबाग प्रीति चौरसिया ने लिखित शिकायत देकर बताया है कि उनके द्वारा प्राथमिक विद्यालय ओखलढूंगा में क्वारेटाइन केन्द्र बनाया गया है। विगत 11 मई को दो व्यक्ति इस केन्द्र में क्वारेन्टाइन किये गये थे तथा 12 मई को ग्राम सभा में 9 प्रवासी आये जिनको क्वारेन्टाइन सेन्टर में रखा गया। इनको रखे जाने की कार्यवाही राजेन्द्र सिंह चौरसिया द्वारा की गई। 12 मई को रोहतक हरियाणा से आये नौ व्यक्तियों में से 2 प्रवासी भाइयों जगदीश सिंह जैतवाल पुत्र धामसिंह तथा मनमोहन सिंह जैतवाल पुत्र धाम सिंह ने शराब पीकर ग्राम प्रधान व ग्राम सभा के जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र भाषा प्रयोग कर गाली, गलौज की तथा पथवार कर जानलेवा हमला भी किया गया। इनके द्वारा नारायण सिंह जैतवाल पहले से क्वारेन्टाइन थे, उनपर भी जानलेवा हमला किया गया । जगदीश सिंह द्वारा अपनी माता व अपनी पत्नी पर भी हमला किया गया। इस प्रकार इन दोनों शराबी एवं उत्पाति क्वारेन्टाइन व्यक्तियों ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम के तहत उल्लंघन किया है। इससे गाॅव में भय का महौल है। इनकी करतूतों एवं खुले आम घूमने से ग्रामीणों में संक्रमण होने का भय है। लिहाजा इन दोनो के उपर कार्यवाही की जाये।
ग्राम प्रधान प्रीति चौरसिया के शिकायती पत्र पर उपजिलाधिकारी द्वारा गम्भीरता से लेते हुए जाॅच कराई गई तथा राजस्व अमगढ़ी द्वारा सम्बन्धित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई ।ग्राम प्रधान प्रीति चौरसिया के शिकायती पत्र पर उपजिलाधिकारी द्वारा गम्भीरता से लेते हुए जाॅच कराई गई तथा राजस्व उपनिरीक्षक अमगढ़ी द्वारा सम्बन्धित दोषियों के विरूद्ध धारा 188, 269, 270 व आईपीसी आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।