युवाओं ने पेश किए नवाचार आधारित स्टार्टअप मॉडल
50 छात्र-छात्राओं ने सीखी उद्यमिता की बारीकियां
बिजनेस पिचिंग के जरिए प्रस्तुत किए अपने स्टार्टअप आइडिया
उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
CNE REPORTER, पिथौरागढ़। उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के तहत आयोजित तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता बूट कैंप का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई इंडिया), अहमदाबाद द्वारा 5 से 7 जुलाई तक ईटीसी थरकोट, पिथौरागढ़ में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के 50 चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर उद्यमिता के विविध आयामों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

बूट कैंप के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने तीन दिनों के प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने नवाचार आधारित व्यवसायिक विचारों को बिजनेस पिचिंग के माध्यम से विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने बिजनेस मॉडल तैयार करने, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) एवं लाइसेंसिंग, मार्केटिंग रणनीति और स्टार्टअप प्रस्तुतीकरण जैसी आधुनिक उद्यमिता तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया।

कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय गंगोलीहाट, बलुआकोट, मुवानी तथा एसएनएस राजकीय परास्नातक महाविद्यालय और एलएसएम कैंपस पिथौरागढ़ के 50 चयनित छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाले छह दिवसीय एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) में चयन के लिए अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने का प्रयास किया।
प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में उद्यमशीलता की सोच विकसित करना तथा उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान प्रतिभागियों को व्यवसायिक अवसरों की पहचान, स्टार्टअप स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीतियां, व्यवसाय विस्तार और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने डिजाइन थिंकिंग, बिजनेस आइडिया डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, फाइनेंस एंड फंड्स, विभिन्न शासकीय योजनाओं, पिचिंग स्किल्स तथा गो-टू-मार्केट रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही विद्यार्थियों को उत्तराखंड के स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक उत्पादों एवं तकनीकों पर आधारित नवाचारपूर्ण उद्यम स्थापित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें व्यवसाय शुरू करने की दिशा में व्यावहारिक समझ और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ। बूट कैंप के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ईडीआई इंडिया के उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. रजत शर्मा तथा प्रोजेक्ट अधिकारी दिग्विजय सिंह (टिहरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ईटीसी पिथौरागढ़ के ईटीओ पंकज पंत एवं संस्थान के समस्त कर्मचारियों ने प्रशिक्षण के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और सहयोग उपलब्ध कराया।
आयोजकों ने कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे प्रयास न केवल युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाते हैं, बल्कि उत्तराखंड में मजबूत स्टार्टअप एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



